• सूट सलवार में आधी रात अकेली खड़ी रही IPS अधिकारी, एक-एक कर पास पहुंचे 40 मनचले, फिर...

    तेलंगाना के हैदराबाद शहर में महिला सुरक्षा जांच अभियान के तहत महिला पुलिस आयुक्त वी. सुमति देर रात अंडरकवर ऑपरेशन चलाया. यहां के दिलसुखनगर बस स्टैंड पर वे करीब 3 घंटे अकेले खड़ी रही. इस दौरान करीब  40 पुरुष उनके पास पहुंचे, जिनमें कई नशे में धुत थे. सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस ने संदिग्ध और आपत्तिजनक व्यवहार करने वालों को हिरासत में ले लिया. इस अभियान का मकसद रात मे गश्त की प्रभावशीलता परखना और महिलाओं के सामने आने वाले खतरों का आकलन करना था. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट --

    हैदराबाद, 8 मई 2026. हैदराबाद नगर में महिलाओं की सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी देर रात अंडरकवर ऑपरेशन चलाया, जिसमें हैरत करने वाली तस्वीर सामने आई. मल्काजगीरी की महिला पुलिस आयुक्त वी सुमति ने आम यात्री बनकर यहां के दिलसुखनगर बस स्टैंड पर आधी रात के बाद निगरानी की.

    घंटों खड़ी रही महिला पुलिस अफसर
    मिली जानकारी के मुताबिक, इस महिला पुलिस अधिकारी ने रात 12:30 बजे से लेकर 3:30 बजे तक अकेले बस स्टॉप पर खड़ी रही, काफी देर रात सफर करने वाली महिला यात्रियों को किन-किन हालातों का सामना करना पड़ता है, इसका आकलन किया जा सके. इस दौरान करीब 40 पुरुष उनके पास पहुंचे. इनमें कई लोग नशे की हालत में बताए गए, जबकि कुछ युवक, छात्र और निजी क्षेत्र में काम करने वाले भी शामिल थे.

    सादे कपड़े में तैनात थे पुलिसकर्मी 

    ऑपरेशन के दौरान सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी आसपास मौजूद थे. जैसे ही कुछ लोगों का व्यवहार संदिग्ध या  आपत्तिजनक पाया गया, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया. पुलिस के मुताबिक, छेड़छाड़ या उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

    पुलिस ने कुछ लोगों की काउंसलिंग की 
    यह अभियान रात में गश्त की प्रभावशीलता जांचने, असुरक्षित जगहों की पहचान करने और देर रात अकेले सफर करने वाली महिलाओं के सामने आने वाले खतरों को समझने के लिए चलाया गया था. इसके साथ ही पुलिस ने कुछ लोगों की काउंसलिंग भी की ताकि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके.

    इन हालातों का करती हैं सामना 

    दरअसल, रात के समय बस स्टैंड या सड़क के किनारे खड़ी लड़कियां या महिलाएं अक्सर  असुरक्षा और असहज माहौल का सामना करती हैं. देर रात सुनसान या कम भीड़ वाले जगहों पर कुछ लोग उन्हें गलत नजर से देखते हैं, जिस भय और  अ सुरक्षा की भावना बढ़ जाती है. कई बार नशे में धुत लोग, असामाजिक तत्व उनके पास आने की कोशिश करते हैं, जो स्थिति को और गंभीर बना देता है. ऐसी हालत में महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही पर असर डालते हैं. जरूरी है कि पुलिस  गश्त बढ़े, सीसीटीवी निगरानी मजबूत हो और समाज में सोच बदले, ताकि महिलाएं  सुरक्षित महसूस कर सकें.