• दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बंगाल में फिर से छापे, ईडी ने 9 जगह मारी रेड, पीडीएस घोटाले..

    बंगाल में दूसरे चरण के वोटिंग से पहले ईडी एक बार फिर से एक्शन में है. जन वितरण प्रणाली (पीडीएस ) घोटाले में  ईडी ने कुल 9 ठिकानों पर शनिवार को छापेमारी की है. इस मामले में आरोप है कि सप्लायर्स और  डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कम दाम...

    कोलकाता, 25 अप्रैल 2026. पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल बुधवार को दूसरे चरण का मतदान होना है. इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) फिर से एक्टिव हैं. ईडी ने शनिवार को प्रदेश में 9 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई पीडीएस घोटाले में हुआ है. कोलकाता, वर्धमान, हावड़ा समेत अन्य कई इलाकों में छापेमारी की गई. ये ठिकाने इस घोटाले में शामिल निरंजन चंद्र साहा और कुछ अन्य लोगों के बताए जा रहे हैं. ईडी ने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था और अब इसी के तहत एक्शन चल रहा है.

    आरोप है कि सप्लायर्स और एक्सपोर्ट्स ने यह गड़बड़ी की थी. कोलकाता स्थित प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से यह दबिश दी जा रही है. इस मामले में बंगाल पुलिस ने 23 अक्टूबर 2020 को पहली प्राथमिकी दर्ज की थी. यह मामला बसीरहाट पुलिस थाने में दर्ज हुआ था. शिकायत कस्टम विभाग के डिप्टी कमिश्नर ने की थी. उनका आरोप था कि जनता में बांटने के लिए आए गेहूं को कहीं और बेच दिया गया या फिर जमाखोरी कर ली गई. उनके इस आरोप के बाद जांच हुई तो एक बड़ा घपला सामने आया.

    इस मामले में सुशांत साहा पर दबिश दी गई है. इसके अलावा उनसे जुड़ी फर्मों पर भी रेड मारी गई है. उनकी कंपनी 'सागर एंटरप्राइजेज' पर भी रेड पड़ी है. इसके अलावा समीर कुमार चंद्र और पार्थ साहा के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है. इन दोनों कंपनियों के नाम 'मां अन्नपूर्णा राइस कंसर्न और आदर्श इंटरनेशनल' है. इसके अलावा भी एक कंपनी साइनैक्स अन्नपूर्णा उद्योग है. उत्तरपारा के कारोबारी दौलत राम गुप्ता के यहां भी रेड हुई है. एजेंसी का कहना है कि गरीबों में बंटने वाले गेहूं को बेच डाला गया या फिर हुई.

    सप्लायरों से खरीद कम दाम पर गेहूं को बाजार में बेचकर खूब  कमाया 

    एजेंसी का कहना है कि इस घोटाले में शामिल सभी लोगों ने एक ही तरीका इस्तेमाल किया. इस मामले में अलग-अलग चैनल से सप्लायरों और डिस्ट्रीब्यूटरों से बेहद कम दाम पर गेहूं खरीदा गया और फिर इसे ऊंचे दाम पर बाजार में बेच दिया. इस तरह गरीबों को मिलने वाले राशन से मोटी कमाई कर ली गई. यह माल अलग-अलग जगह पर स्टोर कर रखा गया था. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने बंगाल में पहले राउंड के मतदान से पहले करीब एक दर्जन रेड मारी थी. अब एक बार फिर से यह दौर शुरू हुआ है. बता दें कि  टीएमसी इस रेड को चुनावी राजनीति का हिस्सा बता रही है.