'विष्णु के सुशासन में भूपेश भी हुए मालामाल,' धान बोनस पर भाजपा का तंज; भूपेश का पलटवार बोले- 'ये “पनामा” या “तावड़े” का माल नहीं..
'विष्णु के सुशासन में भूपेश भी हुए मालामाल,' धान बोनस पर भाजपा का तंज; भूपेश का पलटवार बोले- 'ये “पनामा” या “तावड़े” का माल नहीं किसानों की मेहनत का पैसा है जी..
रायपुर, 1 मार्च 2026। धान बोनस के भुगतान को लेकर भाजपा ने एक कार्टून जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसा है और कहा है कि विष्णु के सुशासन में भूपेश बघेल भी मालामाल हुए हैं। साथ ही भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि व्यवस्था को बदहाल कहने वालों ने भी खाई मलाई। इस पर भूपेश बघेल ने भी पलटवार किया है- जी, हुए मालामाल! किसान हैं तो माल उगाया और बेचा तो माल आया!
दरअसल 28 फरवरी को सरकार ने धान के अंतर की राशि धान बोनस का भुगतान किया है। प्रदेश के करीब 25.28 लाख किसानों के खातों में 10324 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। भाजपा ने भूपेश बघेल एवं उनके परिवार के सदस्यों को धान के उपार्जन एवं बोनस में मिले राशि का विवरण जारी किया है। जारी आंकड़े के अनुसार भूपेश बघेल ने करीब 22 लाख का धान बेचा है और उन्हें करीब पौने सात लाख रुपये धान बोनस मिला है। उनके पुत्र चैतन्य बघेल ने करीब 2 लाख का धान बेचा है और 64 हजार रुपए बोनस मिला है। उनकी पुत्री ने 4.60 लाख का धान तथा बोनस 1.42 लाख रुपए तथा पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने 1.45 लाख का धान तथा 44 हजार बोनस मिला है।
इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया है- "जी, हुए मालामाल! किसान हैं तो माल उगाया और बेचा तो माल आया!विष्णु देव सरकार ने खाद नहीं दिया, पर्याप्त बिजली नहीं दी, फिर भी हमने पसीना बहाया और धान उगाया।
हमारी सरकार की कोशिश थी कि मेहनतकश किसानों को उनकी उपज का पैसा मिले। ईमानदारी से वादा निभाया तो हर किसान को पैसा मिलने लगा। भाजपा के 15 साल के राज में तो किसान आत्महत्या कर रहे थे। हमने किसानों को सम्मान दिया, हक़ का पैसा दिया। भाजपा किस मुंह से बात कर रही है? मोदी जी ने वादा किया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे। हो गई दोगुनी?
और किसानों को मिल रहे पैसे से आपको इतनी जलन क्यों? इसे “माल” क्यों कह रही है भाजपा? ये “पनामा” या “तावड़े” का माल नहीं किसानों की मेहनत का पैसा है जी.