• सरायपाली में गोदावरी सोलर प्लांट का विरोध, विधायक चातुरी नंद ने विधानसभा में आवाज की बुलंद

    सरायपाली के जंगलबेड़ा गांव के 400 एकड़ में बन रहे सोलर प्लांट का ग्रामीण तीखा विरोध कर रहे हैं। विधायक चातुरी नंद ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना उनके क्षेत्र में सोलर प्लांट का निर्माण हो रहा है जो गलत है.

    सरायपाली, 1 मार्च 2026। चातुरी नंद ने ग्राम जंगलबेड़ा में स्थापित किए जा रहे गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के सौर ऊर्जा संयंत्र का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने विधानसभा में भी “सौर ऊर्जा संयंत्र हटाओ और जल, जंगल, जमीन बचाओ” का नारा देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

    ग्रामसभा की अनुमति के बिना निर्माण का आरोप

    विधायक ने कहा कि जंगलबेड़ा गांव अनुसूचित क्षेत्र में आता है, जहां ग्रामसभा सर्वोपरि होती है. उनके अनुसार, ग्रामसभा की अनुमति के बिना ही सोलर प्लांट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है.

    विधायक  चातुरी नंद ने कहा कि ये साफ स्पष्ट तौर पर लिखा है कि अगर बिना अनुमति के पेड़ काटे जाते हैं तो लीज निरस्त हो जाएगी, लेकिन वहां ऐसा नहीं हो रहा है. शासन प्रशासन बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है. उल्टा ग्रामीणों पर FIR हो रही है. मैं मांग करती हूं कि गोदावरी पावर प्लांट का लीज निरस्त हो. 

    तालाब और जलस्रोतों को नुकसान

    उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के तहत चार तालाबों को पाट दिया गया है. इसके अलावा एनीकट और नालों को भी क्षतिग्रस्त किया गया है. जंगलबेड़ा को ड्राई एरिया (सूखा क्षेत्र) बताते हुए विधायक ने कहा कि यदि तालाब और जलस्रोत खत्म किए जाएंगे तो गांव में पानी की व्यवस्था कैसे होगी?

    किसानों को बेदखल करने का आरोप

    विधायक के मुताबिक, लगभग 90 किसानों को बिना नोटिस दिए उनकी जमीन से बेदखल कर दिया गया है. उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया.

    सड़क और आम रास्तों को बंद करने का मुद्दा

    उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली सड़क को भी बंद कर दिया गया है. इसके अलावा जंगलबेड़ा से कुल्लू डुरा, भूतिया और पजरापाली जाने वाले तीन आम रास्तों को भी कवर कर दिया गया है.

    अवैध पेड़ कटाई का मामला

    विधायक ने बताया कि बिना अनुमति 18 पेड़ों की कटाई की गई है. तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख है. कलेक्टर के आदेश और लीज डीड की शर्तों के अनुसार, बिना अनुमति पेड़ काटने पर लीज निरस्त की जा सकती है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

    ग्रामीणों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

    विधायक के अनुसार, ग्रामीण पिछले छह महीनों से आवेदन और शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद 5 फरवरी से ग्रामीण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं. उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज कर रहा है.

    लीज निरस्त करने की मांग

    विधायक चातुरी नंद ने मांग की है कि सोलर पावर प्लांट की लीज तत्काल निरस्त की जाए और ग्रामसभा के अधिकारों की रक्षा की जाए.