• एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर हैदराबाद में बीआरएस का प्रदर्शन, विधानसभा में चर्चा की मांग

    भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी. रामा राव की अगुवाई में मंगलवार को राज्य में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन किया एवं हालत सुधारने के लिए सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की. बीआरएस नेता ने केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों से गैस आपूर्ति पर तुरंत स्पष्टीकरण देने की भी मांग उठाई. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की  विशेष रिपोर्ट:-

    हैदराबाद, 25 मार्च 2026. विधानसभा सत्र के पहले, तेलंगाना मे भारत राष्ट्र समिति के सदस्य हैदराबाद के गन पार्क स्थित तेलंगाना शहीद स्मारक परिसर में जमा हुए और गैस सिलेंडरों के आकार वाले पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया. बीआरएस के नेताओं ने इस दौरान बढ़ती कीमतों और अनियमित गैस सप्लाई के विरुद्ध विधानसभा की मार्च करते हुए जमकर नारेबाजी की और सदन में इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग उठाई.

    पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य में कई जगहों पर होटलों और छोटे विक्रेताओं को कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है, वहीं अधिकारी बता रहे हैं कि गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है. नेताओं ने कहा कि सप्लाई में रुकावट से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें छोटे व्यापारी, होटल कर्मचारी और एलपीजी पर निर्भर मध्यवर्गीय परिवार शामिल है. इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में बीआरएस नेता केटी. रामा राव ने इस कमी को पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने  वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बनाया है, जिसका असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है.

    हालांकि, पूरे देश में गैस एजेंसियों के परिसर में लोग लंबी कतारों में खड़े हैं, फिर भी केंद्र सरकार कह रही है कि कोई कमी नहीं है. जबकि वह इसका दोष राज्य सरकार पर डाल रही है, जो खुद तो कमी की बात मान रही है, लेकिन इसके लिए केंद्र को दोषी ठहरा रही है. केटी. रामा राव ने कहा कि दोनों सरकारों को जनता को सच बताना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि, ऐसी भी खबरें आ रही हैं  कि पांच राज्यों में चल रहे चुनावों के खत्म होने के बाद केंद्र सरकार सिलेंडरों का आकार छोटा करने की योजना बनाएगी. इतना ही नहीं, बीआरएस ने गैस सप्लाई संकट पर बहस की मांग करते हुए दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव भी पेश किए हैं.