पेपर लीक बिल पर बहस : सभी बड़े पदों पर संघ के लोग, एनटीए चीफ पर कार्रवाई क्यों नहीं? गोगोई ने सरकार को घेरा
नीट पेपर लीक समेत अलग-अलग मुद्दों को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद सरकार अब नया बिल ला रही है. नए परीक्षा संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा चल रही है. मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में भी पेपर लीक होते थे. वहीं केंद्र पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने पलटवार किया.
नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026. लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले विधेयक पर चर्चा का आगाज हो गया है. पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा शुरू की. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में भी पेपर लीक होते थे. उन्होंने यह भी जोड़ा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं है. वहीं, पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान गौरव गोगोई ने केंद्र को घेरा. उन्होंने कहा कि सभी बड़े पदों पर संघ के लोग, एनटीए चीफ पर कार्रवाई क्यों नहीं की.
जितेंद्र सिंह ने शुरू की बिल पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक बिल पर चर्चा में कहा कि कल इस विधेयक को पेश किया गया था. असल में पहले के बिल - पब्लिक एग्जामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 - में एक संशोधन है, जिसे भी इसी सरकार ने पेश किया था और न सिर्फ पेश किया था, बल्कि यह शायद आजाद भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला बिल था.
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं : जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले का बिल और आज का संशोधन, एक तरह से, देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए इस सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करते हैं और साथ ही, यह प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को भी दोहराता है कि 'भारत माता' के बच्चों के भविष्य के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. इसलिए, इस बिल को एक तरह से भारतीय इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला कानून कहा जा सकता है.
जितेंद्र सिंह ने गिनाया कब- कब हुआ पेपर लीक
● 2009- रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड. ● 2011- ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस परीक्षा, ● 2012- एम्स नई दिल्ली एंट्रेंस पेपर लीक. ● 2013 - महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर मैं उनकी लिस्ट बनाता रहा, तो बिल पर चर्चा नहीं कर पाऊंगा... ● 2010- बी. ईडी एंट्रेंस परीक्षा उत्तर प्रदेश, ● 2012- तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमिशन.
● 2009- वेस्ट बेंगल ज्वाइंट एंट्रेंस परीक्षा. इसलिए, इस सरकार को एक खास कानून की जरूरत महसूस हुई...
भारत सरकार के तहत चार बड़ी रिक्रूटमेंट एजेंसियां हैं-
यूपीएससी, स्टाफ सिलेक्शन कमिशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनल और इसी तरह, हायर एजुकेशन में एडमिशन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है.
एनटीए का जिक्र कर कही यह बात
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "एनटीए भी इसी सरकार ने 2017 में बनाई थी. 1992 में पहली बार- कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाली भारत सरकार से एक कॉमन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने की सिफारिश की गई थी. फिर 2010 में, यूपीए के कार्यकाल के दौरान, एक कमेटी ने भी यही सुझाव दिया, मुझे नहीं पता कि इस पर ठीक से विचार क्यों नहीं किया गया, चाहे जो भी कारण या निजी हित रहे हों. तो, मुझे लगता है कि आपको पीएम मोदी और इस सरकार की तारीफ करनी चाहिए. इसने एक ऐसा काम पूरा किया है- एक अधूरा काम- जिसे आपको खुद पूरा करना चाहिए था."
गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार को घेरा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बाद अपनी बात रखते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मोदी सरकार पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि यह सरकार शिक्षा के लिए गंभीर नहीं है. संशोधन बिल सिर्फ सरकार का एक दिखावा है. 2024 का कानून कड़ा था तो फिर पेपर लीक कैसे हुआ. धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे वह जीत कर आए हैं. संसद परिसर में प्रधान का स्वागत करना बेहद शर्मनाक है. पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान गौरव गोगोई ने कहा कि आज सभी बड़े पदों पर आरएसएस के लोग हैं. एनटीए चीफ पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों, गृह मंत्री से जवाब चाहते हैं: गौरव गोगोई
गौरव गोगोई ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया. उन पर बल प्रयोग हुआ. किसके आदेश पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. कई छात्रों ने पेपर लीक के चलते अपनी जान दे दी. उसका जिम्मेदार कौन?