• डीके शिवकुमार के साथ 10 कैबिनेट मंत्री कल ले सकते हैं शपथ, दिल्ली में बनी लिस्ट

    कर्नाटक की नई कैबिनेट के गठन को लेकर डीके शिवाकुमार और सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच चुके हैं. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व  के साथ मंत्रिमंडल गठन पर चर्चा की जा रही है. कहा  डीके शिवकुमार ने अपने कैबिनेट की पूरी लिस्ट तैयार कर ली है और अब चर्चा के बाद उस पर अंतिम मुहर दिल्ली में लगेगी. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    नई दिल्ली/ बेंगलुरु, 2 जून 2026. डीके शिवाकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उससे पहले वह कांग्रेस के आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. डीके शिव कुमार के साथ कार्यवाहक मुख्यमंत्री  सिद्धारमैया भी दिल्ली गए हैं. बताया जा रहा है कि आज देर रात नई दिल्ली में कर्नाटक की नई कैबिनेट के गठन को अंतिम रूप देने के लिए मुहर लग जाएगी. हालांकि, सोमवार को दिनभर इस पर चर्चा होती रही. आखिरकार डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले विधायकों के नाम तय हो गए हैं. अब कांग्रेस आलाकमान आज  रात तक इस पर  अंतिम मुहर लगा सकता है.

    बुधवार को यानि कल  शाम डीके शिवाकुमार के शपथ ग्रहण समारोह  बेंगलुरु में आयोजित है. सूत्र बताते हैं कि पहले चरण में डीके शिवाकुमार लगभग 10 से 20 मंत्रियों के साथ शपथ ले सकते हैं. पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि शुरुआती सूची लगभग तैयार है और कुछ और  नामों पर भी चर्चा चल रहा है. उन्होंने बताया कि, 10 नाम तय हो चुके हैं, लेकिन पहले दौर में डीके शिवाकुमार संग शपथ लेने के लिए 10 अन्य नाम पर चर्चा जारी है. अंतिम सूची बुधवार को जारी हो सकती है.

    मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी करेंगे अंतिम फैसला

    संभावित नामों की यह सूची औपचारिक रूप से जारी किए जाने से पहले एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के सामने पेश की जाएगी. चर्चाओं का मुख्य केंद्र पार्टी और संवैधानिक पदों पर होने वाली हम नियुक्तियां भी रही, जिनमें केपीसीसी अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति के पद शामिल हैं.

    शिवकुमार की अपनी लिस्ट, सिद्धारमैया अहिंदा गुट पर डटे 

    कहा जा रहा है कि शिवकुमार पार्टी और कैबिनेट में अहम भूमिकाओं के लिए सतीश जारकिहोली,  एच के पाटिल और बीके हरिप्रसाद का समर्थन कर रहे हैं. वहीं, माना जा रहा है कि सिद्धारमैया राज्य पार्टी प्रमुख के पद के लिए बीके हरिप्रसाद का समर्थन कर रहे हैं. सिद्धारमैया  'अहिंदा ' गुट के वफादारों को भी कैबिनेट में शामिल कराने की  पैरवी कर रहे हैं.

    कैबिनेट के अलावा संगठन में हम भूमिका चाहते हैं जारकीहोली 

    सिद्धारमैया  'अहिंदा '  गुट से जुड़े अपने वफादारों को कैबिनेट में शामिल कराने के लिए भी जोर लगा रहे हैं. हालांकि, अन्य नेताओं का कहना है कि उनके गुट से अधिक से अधिक 10 लोगों को ही  कैबिनेट में जगह मिल पाएगी. खबरों के मुताबिक, सतीश जर्किहोली कैबिनेट में मंत्री पद के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी कोई हम भूमिका चाहते हैं.

    डीके शिवाकुमार और सिद्धारमैया के बीच डिप्टी सीएम के नामों पर अटकी बात

    उपमुख्यमंत्री के पदों का बुद्ध कांग्रेस के भीतर विवाद का एक बड़ा कारण बनकर उभरा है. कहा जा रहा है कि  सिद्धारमैया जी परमेश्वर, बीजेड जमीर अहमद खान, केजे जार्ज और एमबी पाटिल को उपमुख्यमंत्री बनाने की पैरवी कर रहे हैं. दूसरी तरफ शिवकुमार डिप्टी सीएम बनाने के विचार के खिलाफ बताए जा रहे हैं. उनका तर्क है कि ऐसा करने से सत्ता के कई समानांतर केंद्र बन सकते हैं, जिससे अनावश्यक राजनीतिक विवाद पैदा होने की आशंका है.

    सिद्धारमैया नहीं चाहते बेटे यतीन्द्र के लिए कैबिनेट

    इसके अलावा, पार्टी शीर्ष नेतृत्व सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को भी कैबिनेट में शामिल करने पर विचार कर रहा है. दरअसल, पार्टी में राज्य और राष्ट्रीय, दोनों ही स्तर के नेता कर्नाटक में क़ुरबा वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए इस प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के इच्छुक हैं, लेकिन सिद्धारमैया खुद इसके लिए जोर नहीं दे रहे हैं. उनकी चिंता यह है कि इस तरह के कदम को भाई भतीजावाद के रूप में देखा जा सकता है.

    दलित नेता को डिप्टी सीएम बनाने की मांग तेज

    कांग्रेस नेतृत्व ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की.
     विधानसभा में मौजूद ताकत के आधार पर, पार्टी 4 मे से 3 राज्यसभा सीटें और विधान परिषद की 7 मे से 5 एमएलसी सीटें जीत सकती है. इस बीच बेंगलुरु में दलित समुदाय के सदस्यों ने केपीसीसी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और नेतृत्व से किसी दलित नेता को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने की मांग की. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग उठाई कि वरिष्ठ नेताओं में जी परमेश्वर, के एच मुनियप्पा और एचसी महादेवप्पा के नामों पर इस पद के लिए विचार किया जाए. प्रदर्शन का नेतृत्व दलित नेता के. वेंकटस्वामी ने किया.