घरेलू एलपीजी सिलेंडर 29 रुपए महंगा, 3 महीने में दूसरी बार दाम बढ़े
सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर में 29 रुपए का फिर से इजाफा कर दिया है. इस बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर का रेट 1000 रुपए को पार कर गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
नई दिल्ली, 7 जून 2026.शनिवार (6 जून 2026) रात को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई. इस बढ़ोतरी का असर देशभर में घरेलू गैस की कीमतों पर पड़ेगा.
घरेलू गैस के दाम में 29 रुपए की बढ़ोतरी, कांग्रेस ने क्या कहा
तीन महीनों में घरेलू गैस के दाम में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले 7 मार्च को हर सिलेंडर पर 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलपीजी के दाम बढ़ाने के बाद 7 जून यानी रविवार से दिल्ली में 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 हो गई है. विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, "महंगाई मैन मोदी" का चाबुक फिर चला है. अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा कर दिया गया. मोदी का फंडा साफ है --- जनता से वसूली करो, अमीर दोस्त की तिजोरी भरो."
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, " घरेलू एलपीजी के दामों में आग की लपटें आम जनता की रसोई को भस्म करने पर तुली हुई है. मोदी सरकार ने बीते चार महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में. 89 रुपए की बढ़ोतरी की है."
खड़गे ने सरकार से किए हैं तीन सवाल
● संसद में मोदी जी लंबी-- चौड़े दावे किए थे कि वे पश्चिम एशिया संकट के चलते 41 देशों से ईंधन मंगा रहे हैं, उसका क्या हुआ? ग्रामीण इलाकों में आज भी एलपीजी की किल्लत क्यों है?
● साल 2025-- 26 में उज्ज्वला योजना में 5.56 करोड़ परिवारों को केवल एक या एक भी सिलेंडर नहीं भरवाया है. इनमें से 3.30 करोड़ ने तो दोबारा एक भी सिलेंडर नहीं लिया. ये तो पश्चिम एशिया संकट के पहले की बात है. क्या ये मोदी सरकार की लूट का नतीजा नहीं है?
● मोदी जी और भाजपा नेता यूपीए के दौरान महंगाई का शोर मचाते थे. क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार ने 12 सालों में घरेलू एलपीजी के दामों में 530 रुपए की बढ़ोतरी की? अब बीजेपी के नेता सड़कों पर सिलेंडरों को लेकर क्यों नहीं बैठ रहे हैं?
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी गैस के दाम बढ़ाए जाने पर सवाल खड़े किए हैं.
कांग्रेस नेता ने एक्स पर लिखा, " जब ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही है, तो एलपीजी की कीमतें बार-बार क्यों बढ़ाई जा रही है? सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी ) ने वित्त वर्ष 2025--26 में भारी मुनाफा कमाया."
मनीष तिवारी ने सवाल खड़े किए, कि " एक तरफ ओएमसी खूब मुनाफा कमा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम लोग दमन करने वाली महंगी व्यवस्था के बोझ तले दबे जा रहे हैं? क्या इसे ही गवर्नेंस कहते हैं ? "गैस के दाम बढ़ाए जाने पर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग ने लिखा, "अबकी बार सिलेंडर 1000 पार, महंगाई से त्रस्त हर परिवार. क्या यही है अच्छे दिन मोदी सरकार? "
33 करोड़ से अधिक परिवारों के पास गैस कनेक्शन
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे. उसके बाद से मध्य पूर्व में संघर्ष चल रहा है और ईरान ने तेल और गैस सप्लाई के महत्वपूर्ण रूट होर्मुज स्ट्रेट को तकरीबन पूरी तरह बंद कर दिया है. हाल के महीनों में होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यवसाययों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बार-बार बढ़ोतरी हुई है. हालांकि सरकार कहती है, मध्य पूर्व में तनाव के चलते तेल महंगा हुआ और भारत जैसे आयात पर निर्भर देश को इसका असर झेलना पड़ रहा है.