• एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने लघु एवं मध्यम अखबारों को शासकीय विज्ञापनों में हिस्सेदारी की मांग की

    समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
    नई दिल्ली, 6 जून 2026. देश के लघु एवं मध्यम अखबारों को शासकीय विज्ञापनों के सही वितरण में उचित प्रतिनिधित्व और समान अवसर दिए जाने की मांग को लेकर मान्यता प्राप्त पत्रकार संघ ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. संगठन का कहना है कि छोटे एवं मध्यम समाचार पत्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और जागरूकता अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें विज्ञापन वितरण में पर्याप्त हिस्सेदारी मिलनी चाहिए.

    मान्यता प्राप्त पत्रकार संघ ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ-साथ केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) से विज्ञापन वितरण में पारदर्शी एवं न्यायसंगत नीति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए लघु एवं मध्य समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन बजट में उचित भागीदारी तय करने का भी निवेदन किया है. एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स संगठन के अध्यक्ष तथा "राष्ट्र टाइम्स" के संपादक विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा, " छोटे और मध्य समाचार पत्र लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने  का कार्य करते हैं एवं ये अखबार स्थानीय समस्याओं, जनहित के मुद्दों के साथ  ही सरकार की योजनाओं को आम जनों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाते हैं. इसलिए शासकीय विज्ञापनों के वितरण में इनके साथ किसी प्रकार का  भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्हें न्यायोचित व पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए. "

    उन्होंने कहा कि बढ़ती मुद्रण लागत, अखबार के वितरण व्यय और अन्य आर्थिक चुनौतियों के कारण लघु एवं मध्य समाचार पत्रों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. ऐसे में शासकीय विज्ञापनों का संतुलित एवं पारदर्शी वितरण इन अखबारों को मजबूती प्रदान करेगा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाएगा.