• अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर ED रेड

    Vedanta ED Raid : ईडी ने वेदांता समूह के परिसरों पर छापा मारा है. वेदांता की शुरुआत एक कबाड कंपनी के रूप में हुई और अनिल अग्रवाल ने अपनी मेहनत से अब इसे 1,30,724.27 करोड़ रुपये का विशाल समूह बना दिया है.

    नई दिल्ली, 2 जून 2026। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की ताबड़तोड़ रेड पड़ी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फेमा के नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि फेमा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर निगरानी रखना होता है। कंपनी की तरफ से आधिकारिक जवाब का इंतजार है।
           
    वेदांता ग्रुप किस सेक्टर में कारोबार करता है

    वेदांता भारत की सबसे बड़ी प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है। इसके अलावा भारत की कुल जिंक जरूरत का लगभग 81% उत्पादन इसी ग्रुप द्वारा किया जाता है। कंपनी केयर्न इंडिया की मदद से कच्चे तेल का उत्पादन करती है। वेदांता ग्रुप ने भारत में अगले कुछ सालों में लगभग ₹2 लाख करोड़ का भारी निवेश करने की योजना बनाई है।

    वेदांता लिमिटेड आज भारत की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय माइनिंग, मेटल्स, ऑयल और गैस कंपनियों में से एक है. यह कंपनी जिंक, एल्युमीनियम, कच्चा तेल और लौह अयस्क का उत्पादन करती है. कंपनी अपने बिजनेस को अलग-अलग स्वतंत्र कंपनियों में बांटने (Demerger) की प्रक्रिया पर काम कर रही है.

    अभी तक ईडी के सूत्रों ने यह नहीं बताया है कि वेदांता ग्रुप पर किसी अनियमितता पर कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि ईडी अभी कंपनी से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।