• हाउसिंग सोसायटियों के प्रभावी रखरखाव के लिए गाइडलाइन जारी

    रायपुर, 20 मई 2026। छत्तीसगढ़ में आवासीय सहकारी संस्थाओं के सुचारू संचालन हेतु आदर्श उपविधियां जारी की गई है। हाउसिंग सोसायटियों में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करने के उद्देश्य से नए नियम बनाए गए हैं। आवासीय सहकारी संस्थाओं एवं कॉलोनियों के बेहतर रख-रखाव, पारदर्शी संचालन तथा सदस्यों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुक्त सहकारिता महादेव कावरे ने बुधवार को आवासीय सहकारी समितियों हेतु नई आदर्श उपविधियां जारी की गई हैं।

    प्रदेश में संचालित अनेक आवासीय सहकारी संस्थाओं एवं कॉलोनियों में मेंटेनेंस राशि की नियमित प्राप्ति नहीं होने के कारण रख-रखाव संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। कई मामलों में बिल्डरों द्वारा भी अपनी अविक्रयित इकाइयों की मेंटेनेंस राशि जमा नहीं किए जाने से सहकारी संस्थाओं एवं बिल्डरों के मध्य विवाद की स्थिति निर्मित हो रही थी। इन समस्याओं के निराकरण तथा संस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए नई उपविधियां लागू की गई हैं।

    नई उपविधियों में निम्न महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं—

    ● बिल्डर द्वारा सहकारी संस्था गठन के समय कॉलोनी एवं प्रकोष्ठ भवनों में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के संबंध में वचन पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

    ● सभी सदस्यों के लिए मेंटेनेंस राशि का भुगतान अनिवार्य किया गया है, ताकि कॉलोनी के रख-रखाव एवं मूलभूत सुविधाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

    ● बिल्डर अपनी इकाइयों के विक्रय से पूर्व संस्था के समस्त देय शुल्कों का भुगतान करने के पश्चात ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर सकेंगे।

    ● सहकारी संस्थाओं के कार्य संचालन से संबंधित शिकायतों की सुनवाई एवं निराकरण हेतु बोर्ड को आवश्यक अधिकार प्रदान किए गए हैं।

    आयुक्त सहकारिता महादेव कावरे ने कहा कि नई आदर्श उपविधियों से आवासीय सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ेगी, साथ ही सदस्यों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इससे संस्थाओं एवं बिल्डरों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों में भी कमी आएगी तथा कॉलोनियों का रख-रखाव अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।