कुंडली में लिखी है जेल यात्रा तो हैदराबाद आइए, 24 घंटे सेंट्रल जेल में रहने का चार्ज 2, हजार रुपए, मिलेगा कैदियों वाला खाना
जेल की कोठरी में जिंदगी कैसे कटती है? हैदराबाद की चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल ने यह बताने के लिए 'फील द जेल ' नाम की एक अनोखी पहल की है. अब आम लोग भी महज कुछ रुपए खर्च कर 24 घंटे तक कैदी की जिंदगी जी सकते हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
हैदराबाद, 16 मई 2026. जेल के अंदर कैसा होता है?वहां कैदियों को कैसा खाना मिलता है? दिन - रात कैसे गुजरती है, अगर ऐसी ख्याल आपके मन में भी आ रहा है तो हैदराबाद आइए. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल ने 'फिल द जेल ' नाम की एक पहल शुरू की है, जिसके तहत आम लोग भी 12 या 24 घंटे तक जेल की जिंदगी का अनुभव कर सकते हैं. जेल के कैदियों का अनुभव लेने के लिए पैसे भी खर्च करने पड़ेंगे. 24 घंटे कैदी की तरह रहने के लिए 2,000 रुपए का चार्ज देना होगा. आधे दिन यानी 12 घंटे के लिए 1000 रुपए चुकाने होंगे.
राज्यपाल ने किया उद्घाटन
हैदराबाद की चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल में पैसे चुकाने के बाद लोग खास तौर पर बनाई गई जेल कोठरियों में
रह सकते हैं. उन्हें जेल का खाना भी मिलेगा. निर्धारित समय के भीतर जेल में बंद कैदियों जैसी दिनचर्या का पालन भी करना होगा. ऐसा नहीं है कि सिर्फ इस जेल में सख्ती होंगी. नई खुली जेल म्यूजियम में निजाम के जमाने से लेकर आज के सुधारवादी तरीकों तक जेलों के विकास का सफर को भी दिखाया गया है.
जेल में और क्या है?
वहां बेड़ियों और जेल की कोठरियां के साथ रखे गए भक्त रामदासु और दशरथी कृष्णम्माचार्युलु जैसे विख्यात कैदियों की कहानियां भी मिलेगी. जेल के सुधार कार्यक्रम और नागार्जुन सागर बांध के निर्माण में कैदियों के योगदान को प्रदर्शित किया गया है. बीते मंगलवार को चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल म्यूजियम में 'फिल द जेल' पहल का उद्घाटन तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने किया.
जागरूकता फैलाने के लिए की गई पहल
राज्य के जेल डीजीपी सौम्या मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद कानून, अनुशासन और जय व्यवस्था के बारे में विशेषकर युवाओं के बीच जागरूकता फैलाना है. इससे लोगों को जेल प्रशासन और कैदियों के सुधार के बारे में बेहतर समझ बनाने में मदद मिलेगी. बता दें कि यह जेल म्यूजियम सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुका है और कई यूजर्स एक दिन के लिए अपनी मर्जी से कैदी बनकर रह चुके हैं.