• पद्मनाभस्वामी मंदिर के खजाने में बड़ी सेध? हीरे का 'वैर नाम ' आभूषण और सोना गायब

    केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से कीमती आभूषण और सोना गायब होने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है. केरल  के पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ' वैर नाम ' का दुर्लभ हीरे का आभूषण पिछले 6 महीनों से गायब है. वहीं, भक्तों द्वारा दान दिए गए 78 ग्राम सोने और एक सोने के दीपक का भी कुछ पता नहीं चल रहा है. पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है. इससे अब  मंदिर प्रशासन जांच के घेरे में आ गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    तिरुवनंतपुरम, 27 मई 2026. दुनिया के सबसे रहस्यमयी और अमीर मंदिरों में गिने जाने वाले तिरुवनंतपुरम  के श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर से अब एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सिर्फ केरल ही नहीं, पूरे देश को चौंका दिया है. सदियों पुराने खजाने और कड़ी सुरक्षा के लिए मशहूर इस मंदिर में अगर हीरे का दुर्लभ आभूषण तथा भक्तों द्वारा चढ़ाया गया सोना ही गायब होने लगे, तो सवाल सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता का बन जाता है.

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंदिर से ' वैर नाम ' नाम का कीमती हीरे  का आभूषण  पिछले 6 महीनों से गायब है. यही नहीं, भक्तों द्वारा दान किए गए करीब 78 ग्राम सोना का भी हिसाब नहीं मिल रहा. मामला तब और गंभीर हो गया जब केरल के डीजीपी की रिपोर्ट में इन गड़बड़ियों का जिक्र सामने आया. अब मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और खजाने की देखरेख पर  बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. मलयालम मनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, पद्मनाभस्वामी  मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक संपदा का प्रतीक भी माना जाता है. यहां के तहखानों में अरबों की संपत्ति होने के दावे पहले भी सुर्खियों में रहे हैं. ऐसे में मंदिर के गर्भगृह से जुड़े कीमती आभूषणों और सोने की गुमशुदगी बेहद संवेदनशील मामला बन गया है.

    रिपोर्ट के मुताबिक,' वैर नाम ' आभूषण को मरम्मत के लिए भेजा गया था, लेकिन वापस मंदिर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ. इसी दौरान एक सोने का दीपक भी मरम्मत के नाम पर बाहर गया और अब तक नहीं लौटा. हालांकि, पुलिस ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक माना है. डीजीपी पुलिस ने राज्य सरकार को सख्त कदम उठाने और सभी कीमती वस्तुओं को हाई सिक्योरिटी स्ट्रांग रूम में शिफ्ट करने की सलाह दी है.

    गायब हुए हीरे आभूषण और सोने से बढी चिंता
    ● रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर प्रशासन के रिकॉर्ड में कई कीमती वस्तुओं का हिसाब का मेल नहीं खा रहा. इनमें सबसे अहम  ' वैर नाम ' का दुर्लभ हीरे का आभूषण है, जिसे 6 महीने पहले मरम्मत के लिए बाहर भेजा गया था. पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आभूषण अब तक वापस नहीं आया है. इसके अलावा भक्तों द्वारा चढ़ाए गए लगभग 78 ग्राम सोने की कुछ भी आता पता नहीं है.
    ● मामले ने  इसलिए भी तूल पकड़ लिया क्योंकि पद्मनाभ स्वामी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा से बेहद सख्त मानी जाती रही है. मंदिर के तहखानों और ख़ज़ाने की निगरानी के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू है. बावजूद इसके  यदि रिकॉर्ड और वास्तविक संपत्ति में अंतर पाया जा रहा है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही अथवा किसी बड़े नेटवर्क की आशंका को जन्म देता है.

    सोने का दीपक भी गायब 
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एक सोने का दीपक मरम्मत के लिए बाहर भेजा गया था, लेकिन 6 महीने बीतने के बाद भी उसे वापस मंदिर रजिस्टर्ड में दर्ज नहीं किया गया. पुलिस ने इसे गंभीर मामला मानते हुए राज्य सरकार को चेतावनी दी है.

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
    ● इस पूरे मामले ने मंदिर प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल मंदिर का संचालन पांच सदस्यीय प्रशासनिक समिति करती है, जिसमें एक जज, शाही परिवार का प्रतिनिधि, राज्य व केंद्र सरकारों का सदस्य शामिल होता है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मार्च 2026 के बाद से मंदिर में कोई एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त नहीं है.