ईडी अधिकारियों पर पत्थरबाजी, पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के घर रेड, केरल में बवाल
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इस मामले पर सीपीआई ( एम ) के महासचिव एमए बेबी ने केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला बोला है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट :-
तिरुवनंतपुरम, 27 मई 2026. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित घर से एड अफसरों को बाहर निकालने के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. जबकि कन्नूर में पिनाराई विजयन के घर पर चली ईडी की छापेमारी खत्म होने के बाद अधिकारी बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया. कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए ईडी अधिकारियों से सवाल पूछने लगे तभी गेट के बाहर तनाव पूर्ण माहौल बन गया. हालांकि, स्थिति को काबू करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्थानीय पदाधिकारी समर्थकों को शांत कराने में जुटे रहे. काफी देर तक अफरा - तफरी और धक्का - मुक्की जैसे हालात बने रहे, जिसके बाद ईडी अफसर को बाहर निकालने की कोशिश की गई.
छापेमारी पर सियासी घमासान
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है और इस मामले पर सीपीआई ( एम ) के महासचिव एमए बेबी ने केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक मकसद से प्रेरित है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है.
एमए बेबी ने कहा, 'हम अच्छी तरह जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में, दिल्ली समेत कई जगहों पर बड़े राजनीतिक नेताओं, मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के खिलाफ मनगढ़त आरोप लगाकर गिरफ्तारियां की गई है. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के मामलों में भी हमने देखा कि ट्रायल कोर्ट ने उन्हें राहत दी. इसलिए यह बीजेपी-- आरएसएस की राजनीतिक रणनीति का विस्तार है.
विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय अब एक स्वतंत्र जांच एजेंसी की तरह काम नहीं कर रहा, बल्कि ' आरएसएस -- बीजेपी सरकार की राजनीतिक मशीनरी' का हिस्सा बन चुका है. बेबी ने कहा, विपक्ष की आवाज दबाने और राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. ईडी की कार्रवाई के बाद केरल की राजनीति में तनाव का माहौल है, वहीं, सीपीआई ( एम) कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का मामला बताते हुए विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है. विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है.
10 ठिकानों पर छापेमारी
बता दें कि बुधवार को ईडी केरल में 10 ठिकानों पर छापेमारी करने पहुंची थी. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में नेता विपक्ष पिनाराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के ठिकाने भी शामिल हैं. बताया गया है कि ये करवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है, जिसमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया था. यह मामला कोच्चि स्थित कोच्चि मिनरल्स और रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल ) से जुड़े कथित अवैध भुगतानों और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है.
इस छापेमारी का मुख्य आधार अप्रैल 2025 में एसएफआईओ ने वीणा विजयन की आईटी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि कंपनी को कोच्चि स्थित सीएमआरएल से 2018-- 19 से 3 वर्षों तक बिना कोई सेवा दिए " अवैध भुगतान" प्राप्त हुए. 2017 में एक्सालॉजिक सीएमआरएल के बीच सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया गया था, लेकिन जांच में पाया गया कि निर्धारित सेवाएं प्रदान ही नहीं की गई. इसी मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने अब मुख्यमंत्री और उनकी बेटी के ठिकानों पर यह बड़ी छापेमारी की है, जिससे केरल में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है.