होली पर बन रहे कई मंगलकारी योग, पंचांग से जानें कैसा रहेगा आज का दिन
आज 4 मार्च 2026 को देशभर में होली का पर्व मनाया जा रहा है। एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक के अनुसार, इस दिन कई मंगलकारी योग बन रहे हैं।
नई दिल्ली, 4 मार्च 2026। आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज यानी 4 मार्च को देशभर में होली (Holi 2026) का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हैं। होली का पर्व सिखाता है कि बुराई के अंधकार को दूर करें और जीवन में भक्ति और आनंद के रंगों से भर लें। होली के दिन कई योग भी बन रहे हैं। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 4 March 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
मास: चैत्र
दिन: बुधवार
संवत्: 2082
तिथि: कृष्ण प्रतिपदा – सायं 04 बजकर 48 मिनट तक
योग: धृति – प्रातः 08 बजकर 52 मिनट तक
करण: कौलव – सायं 04 बजकर 48 मिनट तक
करण: तैतिल – प्रातः 04 बजकर 51 मिनट तक (5 मार्च)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 43 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 23 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: सायं 07 बजकर 20 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: प्रातः 07 बजकर 30 मिनट पर
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: सिंह राशि में स्थित हैं – दोपहर 01 बजकर 45 मिनट तक
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है
अमृत काल: रात्रि 12 बजकर 54 मिनट (5 मार्च) से रात्रि 02 बजकर 32 मिनट (5 मार्च) तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से दोपहर 02:00 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 08 बजकर 11 मिनट से प्रातः 09 बजकर 38 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: प्रातः 07 बजकर 39 मिनट तक
सामान्य विशेषताएं: रचनात्मक, ऊर्जावान, आकर्षक, मिलनसार, उदार, दानी, ईमानदार, मधुर वाणी, सुख-सुविधा प्रिय, कूटनीतिज्ञ, कभी-कभी अहंकारी, दिखावा पसंद और थोड़े आलसी।
नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव
राशि स्वामी: सूर्यदेव
देवता: भग (प्रेम और विवाह के देवता)
प्रतीक: बिस्तर या पलंग
आज होली/धुलण्डी है
होली (धुलण्डी): बुधवार, 04 मार्च, 2026
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 02 मार्च, 2026 को शाम 05 बजकर 55 मिनट पर
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 03 मार्च, 2026 को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर
होली हिंदुओं का प्रमुख धार्मिक त्योहार है, जिसे दिवाली के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। इसे रंगों के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। ब्रज क्षेत्र मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, नंदगांव और बरसाना की होली विश्व प्रसिद्ध है, विशेषकर बरसाना की लट्ठमार होली का अपना अलग ही महत्व है।
अधिकांश क्षेत्रों में यह पर्व दो दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन को जलने वाली होली, छोटी होली या होलिका दहन कहते हैं, जिसे दक्षिण भारत में काम दहनम कहा जाता है। दूसरे दिन मुख्य होली होती है जिसे धुलण्डी या धुलेंडी कहते हैं। इस दिन लोग गुलाल और रंगों से उत्सव मनाते हैं।