ओम बिरला ने 15 सदस्यीय पैनल का किया गठन, रविशंकर प्रसाद बने विशेषाधिकार कमेटी के अध्यक्ष
मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विशेषाधिकार कमेटी के लिए सदस्यों की नियुक्ति की, जो 3 मार्च से प्रभावी होगी. यह पैनल संसदीय विशेषाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों की जांच करने और जरूरी कार्रवाई की सिफारिश करने का कार्य करेगा, जिसकी अध्यक्षता भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद करेंगे. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट :-
नई दिल्ली, 5 मार्च 2026. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 3 मार्च मंगलवार को विशेषाधिकार समिति के लिए सदस्यों की आधिकारिक नियुक्ति की, जो इसी दिन से प्रभावशील होगी. यह पैनल संसदीय विशेषाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करने का कार्य करेगा, जिसकी अध्यक्षता बीजेपी लीडर रविशंकर प्रसाद करेंगे.
अन्य नामित सदस्यों में बीजेपी के बृजमोहन अग्रवाल, रामवीर सिंह बिधूड़ी, संगीता कुमारी सिंह देव, जगदंबिका पाल, त्रिवेंद्र सिंह रावत, जगदीश शेटटर, कांग्रेस के तारिक अनवर, मणिकम टैगोर और मनीष तिवारी. द्रमुक के टीआर बालू, टीएमसी के कल्याण बनर्जी, शिवसेना के श्री रंग अप्पा चंदू बारने, सपा के धर्मेंद्र यादव और शिवसेना यूबीटी के अरविंद गणपत सावंत प्रमुख शामिल है.
विशेषाधिकार कमेटी संसद के सदस्यों के विशेषाधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. अवमानना की शिकायतों का समाधान करती है और सुनिश्चित करती है कि संसदीय कार्यवाही की गरिमा बनी रहे. इसका गठन विधायी निगरानी को मजबूत करने में एक नियमित लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जाता है. यह पैनल उन मामलों की जांच करेगा जो स्पीकर द्वारा संदर्भित किए गए हैं और उन मामलों पर रिपोर्ट पेश करेगा.
जहां विशेषाधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. इस प्रकार यह सुनिश्चित करेगा कि संसदीय शिष्टाचार बनाए रखा जाए. जहां विशेषाधिकार का प्रश्न स्पीकर द्वारा नियम 227 के तहत कमेटी को संदर्भित किया जाता है, वहां कमेटी की रिपोर्ट स्पीकर को प्रस्तुत की जाती है, जो इस पर अंतिम आदेश पारित कर सकते हैं अथवा निर्देश दे सकते हैं कि इसे सदन की मेज़ पढ़ रखा जाए.