स्पीकर बिरला के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव, संसद में शुरू हुई बहस
No-Confidence Motion: बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने कई सालों से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं की है, जिससे संवैधानिक खालीपन पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन को किसी ऐसे सदस्य को चुनना चाहिए जो कार्यवाही की अध्यक्षता कर सके।
नई दिल्ली, 10 मार्च 2026। संसद में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई, जब विपक्ष के सांसदों के एक समूह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। इस कदम के बाद लोकसभा में स्पीकर के कामकाज को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 118 विपक्षी सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया, खासकर तब जब नेता प्रतिपक्ष राहुल को कथित तौर पर सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
डिप्टी स्पीकर न होने पर उठे सवाल
बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने कई सालों से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं की है, जिससे संवैधानिक खालीपन पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन को किसी ऐसे सदस्य को चुनना चाहिए जो कार्यवाही की अध्यक्षता कर सके।
वेणुगोपाल ने कहा, “सरकार ने कई सालों से डिप्टी स्पीकर नियुक्त नहीं किया है, जिससे संवैधानिक खालीपन पैदा हो गया है। इसलिए सदन को किसी सदस्य को चुनना चाहिए जो इस बहस की अध्यक्षता करे।"
10 घंटे की बहस तय
सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने बताया कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है।उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे अपनी बात सिर्फ प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों तक ही सीमित रखें।जगदंबिका पाल ने यह भी कहा कि स्पीकर ने विपक्ष को यह प्रस्ताव लाने और उस पर चर्चा कराने की प्रक्रिया में पूरी सहूलियत दी है। बहस के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार की ओर से चर्चा की शुरुआत केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू कर सकते हैं। इसके अलावा बीजेपी के कई सांसद अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, रविशंकर प्रसाद और भर्तृहरि महताब भी इस बहस में हिस्सा ले सकते हैं। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई, मनीष तिवारी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और ज्योतिमणि स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव के समर्थन में अपनी दलीलें पेश कर सकते हैं।
बजट सत्र जारी
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब संसद का बजट सत्र चल रहा है। यह सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ था। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चला था, जबकि दूसरा चरण अभी जारी है और 2 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं दिखाई, जबकि सरकार और बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अब इस मुद्दे पर संसद में जोरदार राजनीतिक बहस होने की संभावना है।