शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार अभ्यर्थियों पर पुलिस की लाठी मार, कई गिरफ्तार
टीआरई -4 वैकेंसी की मांग को लेकर शुक्रवार को अभ्यर्थियों ने पटना की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस की लाठी मार से कई अभ्यर्थी घायल है. पुलिस ने छात्र नेता दिलीप को रस्सी से बांधकर जेल ले गई. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
पटना, 9 मई 2026. पटना के गांधी मैदान थानेदार अखिलेश मिश्रा ने बताया, प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है. इन पर भीड़ को उकसाने का आरोप है. वहीं, 5 हजार लोगों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज की गई है. इससे पहले पुलिस छात्र नेता को गर्दनीबाग हॉस्पिटल लेकर पहुंची, जहां उनका मेडिकल कराया गया. उन्होंने कहा, हम लोगों ने सिर्फ नौकरी मांगी थी. ये हमें जेल भेज रहे हैं. गांधी मैदान थाने में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर सैकड़ों अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अभ्यर्थियों पर ट्रैफिक बाधित करने, कानून व्यवस्था भंग करने और पुलिस कर्मियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है.
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पुलिस के लाठी मार का वीडियो शेयर कर लिखा - अपने रोजगार का हक मांगते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को बिहार पुलिस ने बेरहमी से पीटा है. फिर से बेरोजगार युवाओं को बीजेपी का जवाब- लाठी मार. भारत का युवा भाजपा के झूठ से तंग आ चुका है. वह अब चुप नहीं बैठेगा. कांग्रेस उनके साथ हर मोड़ पर खड़ी है.
सिलसिलेवार जानिए घटनाक्रम
पटना में शुक्रवार को टीआरई - 4 अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. अभ्यर्थियों को सड़कों पर दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया. इस दौरान कई के सिर फट गए. यहां तक की महिला अभ्यर्थियों को पुलिस वालों ने पैरों से कुचला. अभ्यर्थियों ने कहा है कि हम आने वाले भविष्य के शिक्षक हैं. ये लोग हमें गुंडा समझ कर पीट रहे हैं. लाठीचार्ज के बाद सड़कों पर अभ्यर्थियों के चप्पलें बिखरी दिखीं. एक अभ्यर्थी के कपड़े सीने तक खून से सने थे. लाठीचार्ज के बाद अभ्यर्थियों ने आधे कपड़े उतार दिए और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे. बारिश के बीच अभ्यर्थी सड़क पर डटे रहे. हालांकि, 7 घंटे के बाद पुलिस ने जेपी गोलंबर से सभी अभ्यर्थियों को खदेड़ कर भगा दिया.
आखिर छात्र-छात्राएं लाठी क्यों खा रहे हैं?
पटना में टीआरई -4 अभ्यर्थियों पर हुए पुलिसिया लाठी मार से बिहार के शिक्षक भर्ती व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होता है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार लगातार भर्ती को लेकर तारीखें बदल रही हैं, लेकिन स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी नहीं कर रही है. इसी नाराजगी को लेकर हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और जेपी गोलंबर से लेकर डाक बंगला तक प्रदर्शन किया.
कैंडीडेट्स की सबसे बड़ी मांग है कि सरकार टीआरई --4 की वैकेंसी तुरंत जारी करें. छात्र बता रहे हैं कि 1.20 लाख पदों पर भर्ती निकालने का वादा किया गया था, फिर 46 हजार पदों का दावा सामने आया और बाद में सीटें घटकर 26 से 27 हजार तक कर दी गई. प्रदर्शन में शामिल हुए छात्र कह रहे थे कि वे कई सालों से तैयारी कर रहे हैं. कई अभ्यर्थियों ने जमीन गिरवी रखकर कोचिंग की है और कुछ ने तो निजी नौकरी छोड़ दी. ऐसे में लगातार भर्ती चलती जाएगी तो हमारा करियर का क्या होगा?