• सदन को विजय पर विश्वास, सब मान गए लोहा, मुंह ताकते रह गई डीएमके

    थलापति विजय को जिसका इंतजार था वही हुआ है. तमिलनाडु में एक्टर विजय को बड़ी खुशखबरी मिल गई. सब उनकी टीवीके का लोहा मान गए. तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को टीवीके की मुराद पूरी हो गई. गठबंधन के दम पर थलापति विजय ने अपना सिक्का जमा दिया. विजय का खुशखबरी तो एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके  मुंह ताकती रह गई. जी हां, तमिलनाडु विधानसभा में थलापति विजय ने अपनी पहली अग्नि परीक्षा पास कर ली है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    चेन्नई, 13 मई 2026. तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री थलापति विजय के नेतृत्व वाली  टीवीके सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है. 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने समर्थन किया, जबकि 22 सदस्यों ने विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला. वहीं, 5 सदस्य मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए.

    किन-किन ने दिया समर्थन?
    फ्लोर टेस्ट के दौरान कई विपक्षी और सहयोगी दलों ने खुलकर टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया. कांग्रेस ने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान थलापति  विजय सरकार का समर्थन करने की घोषणा की. वहीं, माकपा ने भी सदन में टीवीके सरकार के पक्ष में खड़े होने की बात कही. भाकपा ने भी टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की. इसके अलावा वीसीके ने भी फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया.

    हालांकि, समर्थन के साथ वीसीके ने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी. पार्टी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक की तर्ज पर तमिलनाडु में अंधविश्वास के खिलाफ कानून लाने की भी बात कही. वीसीके वन्नी अरसु ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष पार्टियों ने विजय सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है एवं विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल कामयाबी के साथ पूरा करेगी. कार्यवाही के दौरान आईयूएमएल ने टीवीके सरकार को अपना समर्थन देने का ऐलान किया. सदन में बोलते हुए पार्टी के नेताओं ने कहा कि विजय सरकार की शुरुआती कार्यशैली सकारात्मक संकेत दे रही है. 

    आईयूएमएल और डीएमके ने शराब दुकानों को बंद करने के फैसले को सराहा
    आईयूएमएल ने विशेष रूप से प्रदेश में 717 शराब दुकानों को बंद करने के फैसले की सराहना की और इसे टीवीके सरकार की अच्छी शुरुआत बताया. वहीं, एस कामराज ने भी विधानसभा में विश्वास मत के दौरान विजय सरकार का समर्थन किया. बता दें कि टीवीके को समर्थन देने के कारण( एएमएमके) से बाहर कर दिया गया था.

    क्या रहा डीएमके का फैसला?

    डीएमके ने 717 शराब की दुकानों को बंद करने के लिए टीवीके सरकार की प्रशंसा की. डीएमके  ने  'सौदेबाजी ' के  आरोप का जिक्र किया, विशेष ड्यूटी पर अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति जताई . हालांकि, डीएमके ने विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही वॉकआउट कर दिया. 

    डीएमके ने उठाया यह मुद्दा 

    डीएमके विधायक थामिमुन अंसारी ने विशेष ड्यूटी अधिकारी की नियुक्ति के मुद्दे पर टीवीके सरकार की आलोचना की. जबकि डीएमके के एमएच जवाहरुल्लाह का कहना है कि तमिलनाडु सरकार के कार्यक्रमों में तमिल राष्ट्रगान की सर्वोच्च जगह मिलना चाहिए.

    भाजपा - पीएमके और एआईएडीएमके का क्या रहा फैसला?

    दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि विश्वास मत की कार्यवाही पर उसका रुख  'तटस्थ ' है. पीएमके (4 विधायक), सौम्या अंबुमणि ने कहा कि उनकी पार्टी विश्वास मत पर मतदान से दूर रही. एआईएडीएमके विधायक एडप्पादी के पलानी स्वामी का कहना है कि हम टीवीके सरकार के खिलाफ वोट किया है.

    एआईएडीएमके  के एक गुट ने किया समर्थन तो दूसरे ने किया विरोध
    इसके अलावा, एआईएडीएमके के विधायकों के एक गुट, जिनमें से लगभग 30 विधायक, इस पार्टी के वरिष्ठ नेता  एसपी वेलुमणि और सीवे षणमुगम है एवं पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के पलानी स्वामी के विरोधी है, ने भी सरकार को समर्थन दिया है.