दतिया में बवाल: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज समर्थकों ने किया NH-44 पर 15 किमी लंबा चक्काजाम, पथराव में एसपी-ASP घायल
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित करते ही पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क गए हैं। नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम और पथराव में एसपी समेत 6 लोग घायल हुए हैं।
दतिया, 11 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी द्वारा टिकट की घोषणा करते ही इलाके में भारी बवाल मच गया है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का पत्ता काटते हुए संघ के करीबी संगठन नेता आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
इस फैसले से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान हुए भारी पथराव में दतिया एसपी समेत 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
धरा रह गया नामांकन फॉर्म
दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी पक्की मानी जा रही थी और उन्होंने कुछ दिन पहले ही नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। टिकट कटने से नाराज बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाह समेत पूरी जिला कार्यकारिणी ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है।
क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?
बता दें कि साल 2023 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त दी थी। लेकिन इसी साल 2026 अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी मामले में 3 साल की सजा सुना दी, जिससे उनकी विधायकी रद्द हो गई। अब दतिया सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान होना है।
आशुतोष तिवारी ने साधी चुप्पी
टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं और वे उनके लिए प्रचार करेंगे। हालांकि, जमीनी स्तर पर भड़की बगावत की आग शांत होती नहीं दिख रही है।
हमारे विरोध को प्रशासन कुचले, बर्दाश्त नहीं करेंगे
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से उनके समर्थकों गहरी नाराजगी देखी गई है और वे उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। एक कार्यकर्ता ने कहा कि "जिला प्रशासन हमारे विरोध को कुचलना चाहता है हम यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने रातभर रामधुन गाकर पार्टी लीडरशिप से नरोत्तम जी को टिकट देने की मांग की थी. लेकिन पुलिस प्रशासन और कलेक्टर की बर्बरता देखिए कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी दफ्तर में ही कैद कर दिया गया. जब तक टिकट नहीं बदलेगा, यह चक्का जाम जारी रहेगा।"