Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरा, पक्ष में 298 और विपक्ष में पड़े 230 वोट
Women Reservation Amendments Bill: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन का प्रस्ताव 17 अप्रैल को लोकसभा में पारित नहीं हो पाया है। विपक्ष के 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट डाला है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल से संबंधित 131वां संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका है। इस विधेयक पर दो दिनों तक लगातार चर्चा हुई। इसके बाद शुक्रवार शाम हुई वोटिंग में यह विधेयक गिर गया है। इस संशोधन विधेयक के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।
लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक पर वोटिंग में कुल 528 सांसदों ने मतदान किया। इसके चलते विधेयक पारित होने के लिए 326 सांसदों के मत की जरूरत थी लेकिन पक्ष में केवल 298 वोट ही पड़े। इसके चलते यह बिल पारित नहीं हो पाया। इसके चलते परिसीमन से संबंधित विधेयक वोटिंग के लिए प्रस्तावित नहीं किए गए।
राहुल गांधी ने किया पोस्ट
विधेयक गिरने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें लिखा, “संशोधन विधेयक गिर गया। उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया। भारत ने देख लिया। INDIA ने रोक दिया। जय संविधान।”
किरेण रिजिजू ने क्या कहा
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को आगे नहीं बढ़ा सकते।
संविधान पर हमले को हरा दिया- राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह संविधान पर आक्रमण था और इसे हमने हरा दिया है तो यह अच्छी बात है। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह महिला बिल नहीं है, यह हिंदूस्तान का जो राजनीतिक ढांचा है, चुनावी ढांचा है, उसे बदलने की कोशिश है। यह हमने रोक दिया है। मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला आरक्षण चाहते हैं तो 2023 का महिला आरक्षण बिल निकालिए, उसका क्रियान्वयन आज से करिए और पूरा विपक्ष 100% आपको समर्थन देगा और महिला आरक्षण को हम तत्काल लागू कराएंगे।”