ममता बनर्जी की भवानीपुर समेत 55 सीटें संवेदनशील घोषित, चुनाव आयोग ने क्यों..
बंगाल में विधानसभा चुनाव में खर्च पर निगरानी रखने के लिए चुनाव आयोग ने 100 पर्यवेक्षकों को भी नियुक्त किया है. ऐसा पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा पांच प्रदेशों में फिलहाल...
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
नई दिल्ली / कोलकाता, 21 अप्रैल 2026. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर सेमत 55 सीटों को चुनाव आयोग ने खर्च के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया है. ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग को लगता है कि इन सीटों पर खर्च प्रत्याशियों की तरफ से लिमिट से अधिक हो सकता है. यही नहीं चुनाव में खर्च पर निगरानी रखने के लिए चुनाव आयोग ने 100 पर्यवेक्षकों को भी नियुक्त किया है. ऐसा पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा पांच प्रदेशों में फिलहाल चुनाव हो रहे हैं और सबसे अधिक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति बंगाल में ही की गई है.
चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि अवैध कैश, शराब, फ्री बांटने वाली वस्तुएं और मादक पदार्थों की पकड़ बंगाल में बढ़ी है. तमिलनाडु के बाद बंगाल इस मामले में दूसरे नंबर पर आ गया है. अब तक सभी चुनावी प्रदेशों को मिलाकर 1, 281 करोड़ रुपए की खेप पकड़ी जा चुकी है. इनमें पहला नंबर पर तमिलनाडु है और फिर बंगाल का नंबर आता है. खबर है कि इस 1,281 करोड़ रुपए की वस्तुओं में से 105 करोड़ रुपए के बेशकीमती जवाहरात है तो वहीं 178 करोड़ रुपए का ऐसा सामान बरामद हुआ है, जिसे चुनाव में फ्री बांटा जाना था. अकेले बंगाल में ही 17 अप्रैल तक 430 करोड़ रुपए के सामान की बरामदगी हुई है.
क्यों चुनाव आयोग ने तैनात किए 100 से अधिक पर्यवेक्षक
यही वजह है कि तमाम सीटों को चुनाव आयोग ने अब खर्च के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया है. ऐसा इसलिए क्योंकि आयोग को लगता है कि यदि निगरानी नहीं की गई तो फिर मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध तरीकों का इस्तेमाल बढ़ सकता है. आयोग ने जिन सीटों को संवेदनशील घोषित किया है, उनमें सीमांत क्षेत्र उत्तर 24 परगना, मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर शामिल है. इन इलाकों से बड़ी मात्रा में कैश और अवैध सामग्री बरामद की गई है. इसके अलावा 8 सीटें ऐसी है, जो बांग्लादेश सीमा से लगती है. इन सीटों में बिधाननगर, राजारहाट-- न्यू टाउन, बारासात, मध्य ग्राम, भाटपारा, गैघाता और उत्तर बसीरहाट शामिल है.
कोलकाता की 7 सीटें संवेदनशील, भवानीपुर भी है शामिल
इसी तरह कोलकाता की 7 सीटों को इस कैटेगरी में डाल दिया गया है. इनमें से 3 सीटें उत्तर कोलकाता की है तो वहीं 4 सीटें दक्षिण कोलकाता क्षेत्र की है. जबकि भवानीपुर भी इसी सूची में है. यह सीट फिलहाल बंगाल की सबसे हाई प्रोफाइल है. ऐसा इसलिए क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच यहां सीधा मुकाबला है. पिछली बार भी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हरा दिया था. फिर ममता बनर्जी भवानीपुर से ही उप चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी.