• लाइव जैकेट में अपने कलेजे के टुकड़े को मां ने सीने से ऐसा चिपकाकर रखा कि मौत भी दोनों को अलग नहीं कर सकी, बरगी हादसे में 9 शव बरामद, 9 लापता

    जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। लोगों को पहले से लाइफ जैकेट पहनाकर क्रूज में नहीं बैठाया गया। जब नाव डूबने लगी तब आनन-फानन में लोगों को लाइफ जैकेट दी गई। बहरहाल 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और लापता लोगों की संख्या 9 से अधिक बताई जा रही है।

    जबलपुर, 1 मई 2026। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार दोपहर 3 से 4 बजे के बीच पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक 9 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 40 से 45 पर्यटक सवार थे। जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। लोगों को पहले से लाइफ जैकेट पहनाकर क्रूज में नहीं बैठाया गया। जब नाव डूबने लगी तब आनन-फानन में लोगों को लाइफ जैकेट दी गई। यदि लोग पहले से लाइफ जैकेट पहले होते तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती।

    हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू में SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू जारी है। वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

    मौत भी मां- बेटे को अलग नहीं कर सकी

    हादसे में मरिना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को आज सुबह दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

    सेना और स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा

    हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। आर्मी भी मौके पर मौजूद है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।

    यदि पहले से लोग लाइव जैकेट पहने होते तो शायद बच जाते

    क्रूज के पायलट महेश ने बताया, 'सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।' महेश को 10 वर्ष का अनुभव बताया जा रहा है लेकिन उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। यदि लोग पहले से लाइफ जैकेट पहले होते तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया, 'बरगी डैम में फिलहाल एक क्रूज ऑपरेट किया जा रहा है। इसे 2006 में बनाया गया था। इसकी कैपेसिटी 60 यात्रियों की है। एक अन्य क्रूज खराब है।'

    9 लोगों के शव मिले, इनमें एक बच्चा और 8 महिलाएं

    1. श्रीमती नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर

    2. श्रीमती सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु

    3. श्रीमती मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली

    4. श्रीमती करकुलाझी (38), निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर

    5. श्रीमती रेशमा सैयद (66)

    6. सयदा अमीन फातिमा (68)

    7. मरिना मैसी पति प्रदीप मैसी (39)

    8. त्रिशान पिता प्रदीप मैसी (4)

    9. श्रीमती ज्योति सेन, निवासी पाटन बायपास, जबलपुर

    24 लोगों को सुरक्षित बचा लिए गए हैं उनके नाम इस प्रकार हैं