साय सरकार ने पलटा भूपेश सरकार का निर्णय, IPS पिल्ले, विज और गुप्ता का डिमोशन रद्द, गृह विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर, 1 मई 2026। साय कैबिनेट की पिछली बैठक में पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के एक निर्णय को पलट दिया गया। 26 सितंबर 2019 को भूपेश बघेल सरकार ने राज्य में स्वीकृत पद रिक्त नहीं होने और भारत सरकार से अनुमति नहीं मिलने का हवाला देते हुए तीन आईपीएस की पदोन्नति को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया था। दरअसल डॉ. रमन सिंह की सरकार ने 6 अक्टूबर 2018 को विधानसभा चुनाव 2018 की आचार संहिता लगने के कुछ घंटे पहले 1988 बैच के आईपीएस संजय पिल्ले, आर. के. विज और मुकेश गुप्ता को एडीजी से डीजीपी के पद पर प्रमोशन दे दिया था।
इसी प्रमोशन को रद्द कर भूपेश बघेल सरकार ने उन्हें वापस एडीजी बना दिया था। और बाद में आईपीएस पिल्ले और विज को 12 सितंबर 2020 को वापस डीजी पदोन्नत कर दिया था। बताते हैं कि भूपेश बघेल के साथ मुकेश गुप्ता के पुराने विवाद के कारण उन्हें तो सस्पेंड भी कर दिया गया था और वे सस्पेंशन में ही एडीजी रहते हुए रिटायर भी हो गए थे। उस दौरान मुकेश गुप्ता के खिलाफ फोन टैपिंग का मामला भी चल रहा था और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी किए गए।
चूंकि ये पुलिस अफसर 6 अक्टूबर 2018 से स्पेशल डीजी के रूप में अपने पदीय दायित्व का निर्वहन कर रहे थे और पे मैट्रिक्स लेवल-16 का वेतन भी ले रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए साय कैबिनेट ने भूपेश बघेल सरकार के डिमोशन करने के आदेश को रद्द कर दिया। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता द्वारा गुरुवार को जारी आदेश के मुताबिक सेवानिवृत्ति के बाद संजय पिल्ले, आर. के. विज और मुकेश गुप्ता के 26 सितंबर 2019 के पदानवत आदेश को निरस्त करते हुए पूर्व की स्थिति बहाल की गई है। अर्थात इन तीनों अधिकारियों को 6 अक्टूबर 2018 से सेवानिवृत्ति तक डीजीपी के पद, प्रतिष्ठा और वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल-16 का लाभ दिया गया है। फिलहाल पढ़ें गृह विभाग का आदेश..