• शंकराचार्य पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष मुकरे; बोले- रामभद्राचार्य के शिष्यों के दबाव में फर्जी FIR करवाई, साजिश में कई अफ़सर शामिल

    "जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर उनसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था।"

    प्रयागराज, 11 जून 2026। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग शिष्यों के कथित यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने यह मुकदमा दबाव में आकर दर्ज कराया था और अब इसे 'फर्जी मामला' बताया है. आशुतोष ने कहा, 'रामचंद्र दास के दबाव में फर्जी FIR कराई थी.' उन्होंने मंगलवार को फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा, "जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर उनसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था।"

    'रामचंद्र दास के दबाव में कराई थी फर्जी FIR', अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगा पलटे आशुतोष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग शिष्यों के कथित यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने यह मुकदमा दबाव में आकर दर्ज कराया था और अब इसे 'फर्जी मामला' बताया है।

    सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो मैसेज में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि रामभद्राचार्य के शिष्य महंत रामचंद्र दास ने उन पर दबाव बनाकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने कहा कि उन्हें गुमराह किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों की भी भूमिका थी. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास व्हाट्सएप चैट और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे यह साबित होगा कि शिकायत किस प्रकार और किन परिस्थितियों में दर्ज कराई गई. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इन सबूतों को सार्वजनिक करेंगे.

    आशुतोष ब्रह्मचारी बोले- रामचंद्र दास ढोंगी और धोखेबाज है

    आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रामचंद्र दास उनका गुरु भाई है, लेकिन वह कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉडी है। यह उनका दुर्भाग्य है कि वह उसके संपर्क में आए।आशुतोष ने कहा कि वह जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य का सम्मान करते हैं और जीवनभर करते रहेंगे, लेकिन उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि रामचंद्र दास ने फर्जी वसीयत बनाकर श्री देव बाबा जी आश्रम पर कब्जा किया है। इस मामले में उन्होंने मथुरा एसएसपी को शिकायत भेजी है।

    आशुतोष का कहना है कि अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो वह कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि वह सत्य की लड़ाई लड़ेंगे और जैसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी, वैसे ही रामचंद्र दास के खिलाफ भी अदालत में लड़ेंगे। हालांकि मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है और उनकी आशुतोष ब्रह्मचारी से कोई मुलाकात भी नहीं हुई है।

    आशुतोष ने पहले भी कहा था- जगद्‌गुरु की हत्या हुई तो जिम्मेदार रामचंद्र दास होगा

    इससे पहले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने सोमवार को फेसबुक पर जारी एक वीडियो में कहा था कि अगर उनके गुरु जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य की हत्या होती है, तो इसके लिए उनके उत्तराधिकारी रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे। उन्होंने दावा किया था कि रामचंद्र दास उनके गुरु के खिलाफ साजिश रच रहा है और इसके सबूत उनके पास हैं। आशुतोष ने यह भी आरोप लगाया था कि रामचंद्र दास पहले भी गंभीर आरोपों में घिर चुका है, लेकिन कुछ अधिकारियों ने उसे बचा लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बटुक या अन्य व्यक्ति के साथ यौन शोषण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और वह ऐसे मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।

    जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य बोले थे- आशुतोष से डर लगने लगा है

    सोमवार को तुलसी पीठाधीश्वर जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य ने भी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि आशुतोष उनकी और उनके उत्तराधिकारी रामचंद्र दास की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है और उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। रामभद्राचार्य ने कहा, "मुझे आशुतोष का आपराधिक इतिहास जानकर डर लगने लगा है। मैं कांप रहा हूं।"

    आशुतोष के खुद को उनका शिष्य बताने के दावे पर उन्होंने कहा कि वह देशभर में कथा करने जाते हैं और संभव है कि किसी जगह आशुतोष ने उनसे दीक्षा ले ली हो, लेकिन उन्हें उसके स्वभाव और मंशा की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि किसी शिष्य द्वारा अपने गुरु की हत्या की आशंका जताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके, उनकी पीठ और उनके उत्तराधिकारी की सुरक्षा को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की जांच के लिए प्रशासन से भी कहेंगे और जो संवैधानिक रूप से उचित होगा, वही किया जाना चाहिए।