Parama Ekadashi: तीन साल में एक बार आती है परमा एकादशी, बहुत ही फलदायी माना जाता है, पढ़ें पूजन के शुभ मुहूर्त
Parama Ekadashi: परमा एकादशी तीन साल में एक बार ही आती है, इसलिए हिंदू घर्म में इसे शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के साथ व्रत भी रखा जाता है। परमा एकादशी का व्रत अत्यंत ही फलदायी माना जाता है। इसका उपवास रखने पर दरिद्रता मिटती है और पिछले जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा आर्थिक परेशानियां दूर होती है और मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ, पारिवारिक सुख का आर्शीवाद मिलता है।
नई दिल्ली, 11 जून 2026। आज परमा एकादशी व्रत है। मान्यता है कि एकादशी तिथि पर शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु का पूजन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। देखें 11 जून 2026 का विस्तृत पंचांग। 11 जून, गुरुवार, शक संवत्: 21, ज्येष्ठ, (सौर) 1948 पंजाब पंचांग: 28, ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम: 24, जिल्हिजा, 1447, विक्रमी संवत: द्वितीय (अधिक) ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी तिथि रात्रि 10.37 मिनट तक, रेवती नक्षत्र प्रातः 08.17 मिनट तक पश्चात अश्विनी नक्षत्र, चन्द्रमा मीन राशि में प्रातः 08.17 मिनट तक उपरांत मेष राशि सूर्य उत्तरायण। दोपहर 01.30 मिनट से अपराह्न 03 बजे तक राहुकालम्। पुरूषोत्तमा (कमला) एकादशी व्रत। पंचक समाप्त प्रातः 08.17 मिनट। गण्डमूल विचार।
प्रातः सन्ध्या- सुबह 05:00 बजे से सुबह 05:47 बजे तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 05:47 बजे से अगले दिन सुबह 02:58 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 01:18 बजे से दोपहर 02:23 बजे तक।
विजय मुहूर्त- शाम 04:32 बजे से शाम 05:36 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त- रात 09:52 बजे से रात 10:08 बजे तक।
अमृत काल- रात 08:19 बजे से रात 09:47 बजे तक।
परमा एकादशी का महत्व
परमा एकादशी तीन साल में एक बार ही आती है, इसलिए हिंदू घर्म में इसे शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के साथ व्रत भी रखा जाता है। परमा एकादशी का व्रत अत्यंत ही फलदायी माना जाता है। इसका उपवास रखने पर दरिद्रता मिटती है और पिछले जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा आर्थिक परेशानियां दूर होती है और मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ, पारिवारिक सुख का आर्शीवाद मिलता है।
परमा एकादशी व्रत में किसकी पूजा की जाती है:
एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन श्रीहरि और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना का विधान है। मान्यता है कि भक्ति भाव के साथ पूजन करने वाले भक्त को भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
परमा एकादशी व्रत का पारण कब किया जाएगा:
परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर अत्यंत शुभ माना जाता है।
परमा एकादशी उपाय:
मान्यता है कि एकादशी तिथि पर किए गए कुछ उपायों से आर्थिक खुशहाली आती है। इस दिन शाम को पूजा के साथ मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना चाहिए। भगवान विष्णु को पीले रंग के फल या मिठाई का भोग लगाना चाहिए। शाम को पूजन के समय तुलसी के पौधे पर घी का दीपक जलाना चाहिए।