'मांगे डेढ़ लाख, इंटरनेशनल स्पर्धा में खेलने नहीं जा सकी शायरा,' सीएम के सामने पसरा सन्नाटा
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
देहरादून, 13 अगस्त 2026. बीते सोमवार को युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान दून के सीएनआई गर्ल्स स्कूल में अध्ययनरत्त छात्रा शायरा ने सीएम धामी के सामने ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में हिस्सा लेने के लिए डेढ़ लाख रुपए मांगे जाने की बात कहकर सबको चौंका दिया था. यह बात कहते हुए शायरा भावुक भी हो गई और कहा कि इसलिए वह ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाई. यह वीडियो वायरल होते ही खेल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया में सिस्टम का पोस्टमार्टम करते हुए कई सवाल दागे जाने लगे हैं. उक्त छात्रा के मामले में राज्य का खेल मंत्रालय इंवॉल्व था या कोई अन्य संगठन. यह भी हम चर्चा में है.
बुधवार को इस मसले ने जोड़ पकड़ा. इधर राजनीतिक स्तर पर भी हलचल बढ़ने लगी. दोपहर होते- होते उक्त खिलाड़ी छात्रा का एक और वीडियो बयान सामने आ गया. छात्रा शायरा ने बताया कि टीसीआई, जो की एक निजी संस्था है, के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी. इसी माध्यम से उसका एक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में प्रतिभाग करने पर यात्रा सहित कुल खर्च लगभग 3 लाख 70 हजार बताया गया था.
इसमें संबंधित निजी संस्था द्वारा छात्रा को आर्थिक सहयोग देते हुए करीब 1 लाख 70 हजार स्वयं वहन करने का आश्वासन दिया गया था, जबकि शेष रकम लगभग 1 लाख 50 हजार और 1 लाख 60 हजार रुपए की व्यवस्था प्रतिभागी को करनी थी. शायरा ने कहा कि जो रकम उसके द्वारा खर्च की जानी थी, उसके बारे में उसने किसी को नहीं बताया और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाई. छात्रा के नए वीडियो बयान से भ्रम की स्थिति तो कुछ हद तक दूर हुई. लेकिन सोशल मीडिया में शक अभी भी कायम है.
यह तथ्य भी सामने आया कि
संवाद के दौरान कम समय में छात्रा शायरा ने अपनी पूरी बात विस्तार से नहीं रख पाई, जिसके कारण स्थिति को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ. इस बीच, सोशल मीडिया में खिड़की से रिश्वत मांगने संबंधी चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा और यूजर्स ने मौका देखते हुए जमकर भड़ास निकालनी भी शुरू कर दी.
हालांकि, एक वर्ग का यह भी कहना है
यह मामला न तो किसी सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने का था और न ही किसी सरकारी चयन प्रक्रिया से जुड़ा था. यह एक निजी संस्था के माध्यम से निजी स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने से संबंधित खर्च का विषय था. बहरहाल, खिलाड़ी छात्रा शायरा के बेबाक बयान के बाद हॉल में सन्नाटा पसर गया था. इस बीच, भावुक क्षण को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रा शायरा को बैठने की सलाह भी दी.