• Bangal Election: मतदान से पहले पश्चिम बंगाल के लिए कई स्पेशल ट्रेने, लेट लतीफी के लिए बदनाम इस रूट की ट्रेनें अचानक राइट टाइम चलने लगी है..

    बंगाली वोटर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पश्चिम बंगाल के लिए डेढ़ दर्जन के करीब स्पेशल ट्रेनें घोषित की है। खासकर देश के उन शहरों से बंगाल के लिए स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई है जहां बंगाली वर्कर्स रहते हैं। वहीं रेलवे ने बंगाल रूट की रद्द ट्रेनों को फिर से बहाल कर दी गई है।

    बिलासपुर, 19 अप्रैल 2026। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब महज एक सप्ताह बचा है। ऐसे में दूसरे राज्यों में काम करने गए वोटर्स की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। बिलासपुर जोन से होकर कुल 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कुछ ट्रेनें समर वेकेशन के नाम पर पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि ज्यादातर ट्रेनें मतदान से 2 से 4 दिन पहले चलाई जाएंगी।

    हालांकि, रेलवे ने आधिकारिक तौर पर इन ट्रेनों को चुनाव से नहीं जोड़ा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को देखते हुए इसे चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। दरअसल, रेलवे की समर स्पेशल ट्रेनों का फोकस पश्चिम बंगाल रूट पर ज्यादा है। बड़ी संख्या में वहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं। ऐसे में इन ट्रेनों को मतदाताओं की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है।

    वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बोले- चुनाव के लिए अभी ट्रेनों को बंगाल भेजा जा रहा है, जो चुनाव के बाद वापस आ जाएंगी। यह प्रोपेगेंडा है और वोट के लिए लालच दिया जा रहा है।

    बंगाली वोटरों को मतदान के लिए पश्चिम बंगाल भेजने की रणनीति

    रेलवे ने उन शहरों को फोकस किया है, जहां बंगाल, असम और दक्षिण भारत के श्रमिक और मध्यम वर्गीय वोटर बड़ी संख्या में रहते हैं।

    पुणे-एलटीटी-वलसाड रूटः यहां से सांतरागाछी और

    खड़गपुर के लिए विशेष ट्रेनें दी गई हैं, ताकि महाराष्ट्र और गुजरात में रहने वाले वोटर समय पर पहुंच सकें।

    दुर्ग-गोंदिया-इतवारीः बिलासपुर जोन की ये तीन प्रमुख

    ट्रेनें स्थानीय स्तर पर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए लाइफलाइन बनेंगी।

    पटना-रक्सौल कॉरिडोर: इन ट्रेनों के जरिए मालदा,

    दिनाजपुर, वीरभूम और हल्दिया जैसे संवेदनशील चुनावी इलाकों के वोटरों को टारगेट किया गया है।

    रद्द हुई ट्रेनों को किया रिस्टोर, स्पेशल ट्रेन भी

    5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के चलते इसे सीजन का चुनावी स्पेशल ट्रेन कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि गोंदिया में वॉशेबल एप्रन के काम के कारण शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस को 24 अप्रैल तक रद्द किया गया था। लेकिन ऐन चुनाव से पहले 29 मार्च को नया आदेश जारी कर इसे बहाल कर दिया गया है। इसी तरह शालीमार-इतवारी के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन की सौगात भी दे दी गई है।

    अचानक राइट टाइम चलने लगीं गाड़ियां

    अभी बिलासपुर जोन से होकर चलने वाली कई गाड़ियां अपने निर्धारित समय पर चलने लगी है, जो हावड़ा रूट पिछले कई महीनों से 'लेटलतीफी' के लिए जाना जाता था, वहां पिछले एक हफ्ते से ट्रेनें अचानक 'राइट टाइम' हो गई हैं। बता दें कि असम में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है। अब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसके चलते ट्रेनें समय पर चलाई जा रही है।

    दूसरे राज्यों की ट्रेनों को बंगाल मोड़ा जा रहा है: बैज

    इस पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि "दूसरे राज्यों की ट्रेनों को बंगाल मोड़ा जा रहा है, चुनाव के बाद ये वापस लौटेंगी, यह प्रोपेगेंडा है, वोट के लिए पैसे और लालच दिया जा रहा। प्रधानमंत्री को पद की गरिमा रखनी चाहिए।"

    बिलासपुर जोन से होकर गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनें