बीजू पटनायक के समर्थकों ने किया 'ओड़िशा नागरिक मंच' का गठन, उनके सिद्धांतों पर चलने का लिया संकल्प
बीजू पटनायक के समर्थकों ने शुक्रवार को "ओड़िशा नागरिक मंच " (ओएनएम) का गठन किया, जिसे दिवंगत नेता बीजू पटनायक की विचारधारा और विरासत का वाहक बताया जा रहा है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ के साथ संवाददाता अभय बनर्जी की रिपोर्ट :-
भुवनेश्वर, 19 अप्रैल 2026. बीजू पटनायक के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन के दौरान उनसे करीबी रूप से जुड़े रहे कई महत्वपूर्ण नेता उनकी 29वीं पुण्यतिथि पर एक मंच पर जुटे और खुद को इस दिग्गज नेता की असली विरासत का प्रतिनिधि बताया. पटनायक 1961 से 1963 और 1990 से 1995 तक ओड़िशा के मुख्यमंत्री रहे थे. 'ओएनएम' के प्रमुख नेताओं में शामिल सांसद राज्यसभा दिलीप राय, और पूर्व मंत्री विजय महापात्र, 1997 में बीजू पटनायक के निधन के बाद उनके नाम पर बने बीजू जनता दल के संस्थापक सदस्यों में भी रहे हैं. इस अवसर पर महापात्र ने कहा, "बीजू पटनायक केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं थे. हम लोग ही असली बीजू परिवार हैं."
ओड़िशा नागरिक मंच के इस सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष निरंजन पटनायक, उनके भाई और बीजू जनता दल से निष्कासित सौम्य रंजन पटनायक, भाजपा नेता समीर मोहंती तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी सम्मेलन में शामिल रहे. आयोजित कार्यक्रम में दो विधायक अरविंद महापात्र और रमाकांत भाई भी मौजूद थे, जिन्हें 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप राय के पक्ष में ' क्रॉस वोटिंग' करने के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.
सम्मेलन को पूर्व सांसद प्रसन्न पटनायक और ब्रजकिशोर त्रिपाठी ने भी संबोधित किया. इस बीच अपने संबोधन में दिलीप राय ने कहा, "यह हम सभी के लिए भावुक क्षण है. ऐसा लग रहा है मानो परिवार का पुनर्मिलन हो, क्योंकि ओड़िशा के सभी 30 जिलों से बीजू पटनायक के समर्थक यहां इकट्ठा हुए हैं." बीजू पटनायक सरकार (1990 - 95 ) में वरिष्ठ मंत्री रहे विजय महापात्र ने कहा कि यह पहली बार है जब दिवंगत नेता के निधन के बाद उनके समर्थकों को 'ओएनएम सम्मेलन' में सम्मानित किया जा रहा है.
दरअसल, बीजू पटनायक की 29वीं पुण्यतिथि पर भुवनेश्वर स्थित ouat सभागार में आयोजित सार्वजनिक सभा के दौरान ओड़िशा नागरिक मंच नामक एक नए राजनीतिक मंच की शुरुआत की गई. बीजेडी के असंतुष्ट नेताओं और पुराने वफादारों द्वारा शुरू किए गए इस मंच का उद्देश्य बीजू पटनायक की विचारधारा और विरासत को आगे बढ़ाना है और बीजेडी में चल रही आंतरिक कलह के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराना है. आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में बुद्धिजीवी, अधिवक्ता एवं बीजू पटनायक के समर्थक शामिल हुए. सूत्र बताते हैं कि इस मंच गठन के पीछे बीजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री विजय महापात्र, सांसद राज्यसभा दिलीप राय, सौम्य रंजन पटनायक, अरविंद महापात्र, अमर सतपथी और प्रभात त्रिपाठी जैसे दिग्गज नेता है.
बीजू विरासत पर दावा और राजनीतिक संकेत
इस मौके पर विजय महापात्र ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजू पटनायक किसी एक परिवार की संपत्ति नहीं है और उन्होंने इस मंच को "असली बीजू परिवार" बताया. सूत्रों की मानें तो यह कदम सत्तारूढ़ भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है. 2024 के आम चुनाव में पराजय के बाद से बीजू जनता दल के भीतर असंतोष के बीच, यह 'ओल्ड बीजू गार्ड '( पुराने वफादार) की वापसी और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. यह मंच राज्य में बीजू पटनायक की विचारधारा और सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने के एजेंडे पर काम करेगा.