• खुद को शिव का अवतार बताकर बाबा ने 150 महिलाओं को बनाया अपना शिकार, SIT की जांच में कई बड़े खुलासे

    एसआईटी जांच में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। नासिक में नेवी के रिटायर्ड कैप्टन अशोक खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर 100 से अधिक महिलाओं से संबंध बनाए। 58 महिलाओं के अश्लील वीडियो क्लीप एसआईटी के हाथ लगे हैं। वह पीड़ित महिलाओं को बोलते थे कि "मैं शिव का अवतार हूँ मुझसे संबंध बनाओगी तो पवित्र हो जाओगी और सारे कष्ट मिट जाएंगे। मना किया तो नाग डस लेंगे।"

    हिप्नोटिज्म एवं कई तरह के झांसे व डरा धमकाकर वह महिलाओं को शिकार बनाता था। कथित बाबा बनकर अशोक खरात ने पॉलिटिकल कनेक्शन पाकर देखते ही देखते थोड़ा ही समय में करोड़ों का साम्राज्य स्थापित कर लिया। बाबा से कथित संबंध के आरोप के चलते महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकंकर ने 20 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

    नासिक, 1 अप्रैल 2026। 'शादी के बाद मुझे बेटा नहीं हो रहा था। ससुराल में ताने मिलते थे। तंग आकर मैं कैप्टन बाबा के पास गई। अप्रैल, 2022 से दिसंबर 2024 तक नासिक में उसके ऑफिस जाती रही। बाबा ने गारंटी दी कि तंत्र-पूजा से सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने मुझे तांबे के लोटे से पानी पिलाया और कुछ खाने को दिया। थोड़ी देर बाद मेरा सिर घूमने लगा और शरीर सुन्न पड़ गया। इसी का फायदा उठाकर बाबा ने मेरा रेप किया और बोला- मैं शिव का अवतार हूं, मेरे साथ संबंध बनाकर तुम पवित्र हो गई हो।'

    यह आपबीती 36 साल की उस पीड़िता की है, जिसकी शिकायत पर नासिक पुलिस ने अशोक कुमार खरात उर्फ 'कैप्टन बाबा' को गिरफ्तार किया है। दैनिक भास्कर ने जांच के लिए बनी SIT की एक अफसर से बात की। उन्होंने बताया कि इस मामले में नरबलि दिए जाने का शक है। अभी जांच चल रही है। खरात 1 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में है। SIT को पता चला है खरात ने 150 से ज्यादा महिलाओं का शोषण किया है। पढ़िए जांच टीम को अब तक क्या-क्या मिला है।

    150 महिलाएं, 10 FIR, ऑफिस-प्रॉपर्टी सील, लेनदेन की जांच कर रही पुलिस

    18 मार्च को नासिक पुलिस ने अशोक खरात को अरेस्ट कर लिया। SIT के मुताबिक, उसने 150 से ज्यादा महिलाओं का शोषण किया है। एक पीड़िता ने बताया कि खरात पूजा के वक्त धार्मिक पत्थर बताकर चिंचोका बेचता था। मराठी में इमली को चिंच और उसके बीज को चिंचोका कहते हैं। खरात इनके बदले 10 हजार से 1 लाख रुपए तक लेता था। पुलिस ने खरात का ऑफिस और प्रॉपर्टी को सील कर दिया है। बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। उनके पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही रही है। एसआईटी जांच में कई खुलासे हुए हैं-

    पहली विक्टिम

    जादूई पानी दिया, संबंध बनाए, प्रेग्नेंट होने पर अबॉर्शन कराया

    इस विक्टिम ने नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। उसके मुताबिक, वह फरवरी 2020 से 18 मार्च 2026 तक अशोक खरात के संपर्क में थी। खरात ने उसे अपने ऑफिस बुलाया था। तांबे की बोतल में जादूई पानी पीने को दिया। फिर धार्मिक रस्म की आड़ में 6 साल तक शारीरिक संबंध बनाए। वह प्रेग्नेंट हुई, तो खरात ने हर्बल दवा बताकर गोलियां खिलाईं। इससे उसका अबॉर्शन हो गया। पीड़िता ने बताया है कि अशोक खरात कहता था कि अगर वह धार्मिक रस्म नहीं करेगी, तो ठीक होने के बजाय वह और उसका परिवार मुश्किल में पड़ जाएंगे।

    दूसरी विक्टिम

    प्रेग्नेंसी के दौरान बुलाया, शरीर पर यूरिन फेंका, पूजा के नाम पर रेप किया

    शिकायत के मुताबिक, बाबा ने नवंबर 2023 से दिसंबर 2025 तक प्रेग्नेंसी के दौरान धार्मिक अनुष्ठान के बहाने नासिक ऑफिस में बुलाया। इस दौरान खरात ने पेट-सीने पर हाथ फेरा। अपना यूरिन छिड़का। पूजा के नाम पर प्राइवेट पार्ट को छुआ और फिर रेप किया। विक्टिम ने विरोध किया। तो बाबा ने जान से मारने की धमकी दी।

    तीसरी विक्टिम

    बाबा बोला- मेरे पास दिव्य शक्ति, छूने से ठीक हो जाओगी

    सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज तीसरी FIR में विक्टिम ने बताया, '12 अक्टूबर, 2024 की सुबह करीब 11 बजे मैं पति के साथ अशोक खरात से मिलने उसके ऑफिस गई थी। बाबा ने पति को बाहर भेज दिया। समस्या बताने पर हाथ में काला पत्थर घुमाकर कान में मंत्र पढ़े। सिर और पीठ पर हाथ फेरा। इसी दौरान बाबा ने सीने पर छुआ। मैं घबराने लगी तो बाबा बोला कि डरो मत, तुम मेरे यहां हो। मेरे पास दिव्य शक्ति है। मेरे छूने से तुम ठीक हो जाओगी। मैंने तुम्हें पवित्र कर दिया है।'

    चौथी विक्टिम

    'मैं शिव का अवतार, तुम्हें पवित्र कर दूंगा, मना किया तो नाग डस लेंगे'

    पीड़िता बताती हैं, 'जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच अशोक खरात ने कई बार रेप किया। फोन पर धमकी देता था। कहता था कि मैं शिव का अवतार हूं। मेरे पास दिव्य शक्ति हैं। मैं तुम्हें पवित्र कर दूंगा। अगर तुमने मना किया तो तुम्हारे बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। उन्हें नाग डस लेंगे। उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।'

    मर्चेंट नेवी से रिटायरमेंट, गांव में बनाया 'कैप्टन बाबा' का मंदिर

    अशोक खरात नासिक के कहांडलवाडी गांव का रहने वाला है। उसने BSc तक पढ़ाई की। फिर मर्चेंट नेवी में 22 साल तक कैप्टन के पद पर काम किया। नौकरी के बाद 2010 में घर लौट आया। आसपास के इलाके में उसकी छवि रिटायर्ड अधिकारी जैसी थी।

    केस की जांच के लिए बनी SIT में शामिल एक अफसर बताते हैं, 'लौटने के बाद अशोक ने मीरगांव तालुका के पास 20 एकड़ जमीन खरीदी। यहां उसने देवस्थान बनवाया, जिसे ईशान्येश्वर महादेव मंदिर नाम दिया। 2016-17 तक ये मंदिर नासिक का तीर्थ बन गया। हर सोमवार और शिवरात्रि पर भीड़ जुटने लगी। खरात का मंदिर होने की वजह से लोग उसे कैप्टन बाबा का मंदिर बोलने लगे।'

    'मंदिर की वजह से अशोक खरात की पॉपुलरिटी भी बढ़ने लगी। चंदा आने लगा, तो खरात ने और जमीनें खरीदीं। नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में 'ओक्स प्रॉपर्टीज' नाम से दफ्तर खोला। यहीं वो लोगों का भविष्य बताता था। समस्या दूर करने के लिए पूजा-अनुष्ठान करवाने लगा।'

    पुलिस के मुताबिक, खरात के गलत कामों का खुलासा 17 मार्च, 2026 को हुआ, जब 35 साल की एक महिला ने उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया। उसने आरोप लगाया कि खरात ने दैवीय शक्तियों का दावा करके भरोसा जीता। समस्या दूर करने के लिए ऑफिस बुलाया। फिर नशीला पानी पिलाकर रेप किया।

    सरकार से मिले सवा करोड़ रुपए, चंदे से बनाया 18 करोड़ का फार्महाउस

    18 मार्च को अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया था कि अशोक खरात के पास 40 करोड़ 87 लाख रुपए की संपत्ति है। 2017-18 में ईशान्येश्वर देवस्थान के डेवलपमेंट के लिए 25 लाख रुपए का सरकारी फंड दिया गया था। इससे पहले राज्य सरकार ने 1.05 करोड़ रुपए मंजूर किए थे।

    आसपास के लोग दावा करते हैं कि खरात ने मंदिर में आने वाले दान और फंडिंग से मीरगांव में 16 एकड़ में आलीशान फार्महाउस बनवाया। इस पर 18 करोड़ रुपए खर्च हुए। यहां छुट्टियों में आता था। पुलिस के मुताबिक, खरात के नासिक वाले दफ्तर में भी लोगों की लंबी लाइन लगती थी। उसके भक्तों में सरकारी अधिकारी, नेता, डॉक्टर और बड़े बिजनेसमैन शामिल थे। महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकंकर उनके ट्रस्ट की नामित सदस्या हैं।

    सरकारी वकील बोले- केमिकल देकर दिमाग कंट्रोल करता था खरात

    खरात के वीडियो वायरल होने के बाद विक्टिम और उनके परिवार वाले सामने नहीं आ रहे हैं। उसके खिलाफ फिर दर्ज कराने वाली महिला के एक रिश्तेदार ने हमें पीड़ित पक्ष के वकील एमवाई काले का नंबर दिया। काले नासिक कोर्ट में सरकारी वकील हैं। वे दावा करते हैं कि खरात दैवीय शक्ति का झूठा दावा और केमिकल देकर महिलाओं के दिमाग पर कंट्रोल करता था। वो महिलाओं को हिप्नोटाइज और टॉर्चर करता था। जांच में सामने आया है कि उसने मोबाइल और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क से डेटा डिलीट कर दिया है।

    "अब जांच का मुख्य हिस्सा उसकी पर्सनल चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिलीट वीडियो रिकवर करना होगा। खरात ने एक का की मदद से करीब 100 करोड़ रुपए दुबई भेजे थे। ये का गिरफ्तारी के डर से खरात के खिलाफ गवाही दे सकता है।"