• कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली बड़ी राहत, गैर- जमानती वारंट जारी करने से गुवाहाटी कोर्ट का इनकार

    गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है. अदालत ने पवन खेड़ा के खिलाफ गैर- जमानती  गिरफ्तारी वारंट  जारी करने की मांग वाली असम पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की  विशेष रिपोर्ट:-

    गुवाहाटी, 21 अप्रैल 2026. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत से बड़ी राहत मिली है. अदालत  ने पवन खेड़ा के खिलाफ गैर- जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग वाली असम पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया है. दरअसल, यह मामला  असम सीएम की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दायर किया गया था, जिसमें पवन खेड़ा ने उन पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्ति होने का आरोप लगाया था.

    कोर्ट ने खारिज की असम पुलिस की याचिका
    यह आदेश कामरूप मेट्रो के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 7 अप्रैल को पारित किया था. इस आदेश के ठीक 1 दिन पहले पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी. सीजेएम कोर्ट के इस आदेश के कॉपी रविवार को सामने आई है.

    कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा

    कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा गैर - जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए बताए गए आधार पर्याप्त नहीं थे. कोर्ट का कहना है कि यह आधार पूरी तरह से अनुमानों और अटकलों पर आधारित थे. आदेश में कहा गया है कि यह मामला संज्ञेय है और अपराध गैर - जमानती है, इसलिए जांच अधिकारी के पास पहले से ही बीएनएस की धारा 35 के तहत गिरफ्तारी करने का अधिकार है. कोर्ट ने कहा कि इसलिए इस स्तर पर गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करना  सही नहीं है.

    पवन खेड़ा के खिलाफ 6 अप्रैल को दर्ज हुई प्राथमिकी

    असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्वा सरमा की पत्नी रिकी भुइयां सरमा ने 6 अप्रैल को पवन खेड़ा के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की कई धाराओं में मामला दर्ज किया था, जिसमें 175  ( चुनाव के संबंध में झूठा बयान) और धारा 318 ( धोखाधड़ी ) शामिल थी. बता दें कि इस मामले में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की लीगल सेल सोमवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट में  जमानत याचिका दायर की. हालांकि यह याचिका पहले दायर नहीं की जा सकी, क्योंकि बोहाग बिहू की छुट्टियों के कारण को बंद था. इस बीच एपीसीसी की एक कानूनी टीम, जिसका नेतृत्व एडवोकेट प्रीतम सिंह कर रहे हैं, ने यह जानकारी दी है.

    जाने इस मामले में अभी तक क्या-क्या हुआ 

    ● कांग्रेस नेता पवन खेड़ा 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में पत्रकार वार्ता कर हिमंता बिश्वा सरमा और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए. 

    ● इसमें  रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्ति होने का आरोप शामिल था.

    ●  असम पुलिस  की एक टीम 7 अप्रैल को पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर  छापेमारी की.

    ● पवन खेड़ा ने 7 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट से  अग्रिम जमानत मांगी.

    ● पवन खेड़ा को 10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट  से एक हफ्ते के लिए अग्रिम जमानत मिली.

    ● असम सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

    ● सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट के अग्रिम जमानत के  फैसले पर रोक लगाई.

    ● सुप्रीम कोर्ट 17 अप्रैल को पवन खेड़ा की जमानत अवधि बढ़ाने यार रोक हटाने से इनकार कर दिया था.