दीपक मिश्र बोले- झूठ के लिए राष्ट्र से माफी मांगे पंकज चौधरी
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
लखनऊ, 4 जुलाई 2026. बीजेपी यूपी इकाई के अध्यक्ष तथा केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी अचानक विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत एक परिवार से मिलने उसके घर पहुंचे जिसे उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिधर्मी प्रख्यात समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया का परिवार,पौत्र और प्रपौत्र का घर बताया. षड्यंत्र यह दर्शाना था कि देश के सबसे बड़े समाजवादी चिंतक डॉ. लोहिया के परिजन ही सपा (समाजवादी पार्टी) से खिन्न हैं, डॉ. लोहिया के लोगों का सम्मान सिर्फ भाजपाई करते हैं. मोदी जी के लोहिया पर दिए गए बयानों की वीडियो क्लिप तलाशी जाने लगी.
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी कई न्यूज़ चैनलों पर मोदी जी को डॉ. लोहिया का वैचारिक वारिस दर्शाने के लिए तर्कना के तरकश के तीर लेकर सज चुके थे. उन्हें लगा था कि सपा से कोई सलीके का प्रत्युत्तर आएगा ही नहीं, पूरी सपा अपने मुखिया के जन्मदिन के उत्सव में उलझी हुई है और इस मोर्चे पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा. बहुत हद तक ऐसा हुआ भी, लेकिन विशिष्ट समाजवादी चिंतक तथा बौद्धिक सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र की एंट्री ने षड्यंत्र के गुब्बारे को तथ्य और तर्क के प्रबल प्रहार से तार - तार कर दिया.
दीपक मिश्र ने कई न्यूज़ चैनलों को दिए अपने साक्षात्कार में सच्चाई का दीपक प्रकाशित कर भाजपाई भरम के अंधियारे को ध्वस्त कर दिया. दीपक मिश्र ने बताया कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी झूठ बोल रहे हैं. या तो उन्हें जानकारी नहीं है या फिर वे भरमा रहे हैं. सारा देश जानता है कि डॉ. राममनोहर लोहिया अविवाहित रहकर राष्ट्रसेवा और समाजवाद की स्थापना का संकल्प लिया था. उन्होंने सत्ता, संपत्ति और संतति से अपने को दूर रखा.
केंद्रीय मंत्री महोदय सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी जी न जाने कौन सी दिव्य दृष्टि से लोहियाजी के देहांत के 59 साल बाद उनके कई पुत्र और प्रपौत्र तलाश लिया जबकि लोहिया राष्ट्रसेवा और समाजवाद सशक्तिकरण के संकल्प के कारण अविवाहित रहे. सिवाय पंकज चौधरी के यह तथ्य हर कोई जानता नहीं है कि लोहिया जी को कोई पुत्र नहीं था, प्रपौत्र तो कदापि नहीं. लोहिया जी के दादा शिव नारायण जी के चार पुत्र गणेश नारायण, शंकर लाल, बाबूलाल और हीरालाल. उनके तीन पुत्र तरुणाई में दिवंगत हो गए. हीरालाल के एकमात्र पुत्र राम मनोहर लोहिया जीवित रहे.
लोहिया जी की घोषित प्रेमिका प्रो. रमा मित्र थी, उनसे भी कोई संतति नहीं थी. लोहिया जी द्वारा रमाजी को लिखे पत्रों को आईटीएम विश्वविद्यालय ने पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया है. दीपक मिश्र ने लोहिया के भाजपाई प्रेम को छलावा बताते हुए आग्रह किया कि भाजपाई प्रभु राम और रामायण मेला के संकल्पक राम मनोहर लोहिया के नाम पर अनर्गल काम बंद करें. पंकज जी राजनीति को और पंकिल न करें, यदि उन्हें लोहिया जी के प्रति इतना ही सम्मान भाव है तो लोहिया की नीतियों को लागू करवाने और उन्हें भारतरत्न विभूषण दिलाने के हमारे अभियान के सहयोगी बनें.
प्रख्यात समाजवादी चिंतक दीपक मिश्र के मैदान में उतरने के पश्चात बीजेपी के नेता और प्रवक्तागण इस बहस से अपने को दूर रखने लगे हैं. अब बौद्धिक सभा मांग करती है कि बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी अपने इस झूठ के लिए राष्ट्र से माफी मांगे क्योंकि उन्होंने अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और 42 की क्रांति के महानायक लोहिया के नाम का दुरुपयोग किया है. दीपक मिश्र कहते हैं पंकज चौधरी द्वारा देश के इतिहास को कलंकित करने की यह कोशिश अति निंदनीय और आपत्तिजनक है.