• 'जहां कभी धरती रक्तरंजित थी, आज वहां विकास का तिरंगा लहरा रहा', लाले किले की प्राचीर से PM मोदी ने और क्या कहा..

    80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लालकिले से देश को संबोधित करते हुए देश के सामने विकास का विजन रखा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन दिमागी नक्सली अभी भी हमारे बीच मौजूद हैं। 

    नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए माओवाद और नक्सलवाद पर बात की और कहा कि देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और जो इलाके कभी नक्सलवाद के गढ़ थे, वहां आज विकास का तिरंगा लहरा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों को उस कट्टर सोच के प्रति भी आगाह किया, जो नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी कुछ लोगों के दिमाग में जिंदा है। उन्होंने कहा कि हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा, जो देश की नीतियों और विकास को प्रभावित करते हैं।

    'जहां कभी धरती रक्तरंजित थी, आज वहां विकास का तिरंगा लहरा रहा'
    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 'माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया। चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था। देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी। नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया। 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं। जहां पर कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती रक्तरंजित होती थी, आज वहां विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है।'

    'दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की जरूरत'
    पीएम मोदी ने कहा, 'देश की सत्ता में वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोग जगह बनाकर बैठे थे। इन लोगों ने सरकारों की नीतियों को भी प्रभावित किया था। हमें नक्सलवादियों से देश को आजाद कराने में मदद मिली है। हथियार वाले नक्सल तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में हैं। यह देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन्हें अलग-थलग करना होगा।'

    महिलाओं के लिए 33% आरक्षण 'समय की मांग'

    मोदी ने कहा कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण "समय की मांग" है और सभी राजनीतिक दलों से इस कदम का समर्थन करने की अपील की। PM ने राजनीतिक दलों से राज्य विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया और महिला शक्ति के प्रति अधिक सम्मान दिखाने का आह्वान किया।

    युवा नेतृत्व संभालें और जनगणना प्रक्रिया के लिए समय निकालें
    प्रधानमंत्री ने युवाओं से चल रही जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस प्रक्रिया को त्रुटि-मुक्त बनाने के लिए अपने परिवारों के बारे में सही जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने में मदद करने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अपने युवाओं की मदद की जरूरत है और उनसे आग्रह किया कि वे नेतृत्व संभालें और जनगणना प्रक्रिया के लिए समय निकालें। मोदी ने हर नागरिक से यह भी अपील की कि वे 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रयास में सहयोग करें।

    किसानों के लिए यूरिया और DAP सब्सिडी का जिक्र
    पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार में यूरिया की एक बोरी की कीमत लगभग 3,000 रुपये है, लेकिन भारतीय किसानों को यह खाद 300 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने आगे कहा कि जहां DAP की वैश्विक बाजार कीमत 5,000 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं भारतीय किसानों को यह 1,350 रुपये में ही उपलब्ध कराई जा रही है।

    देशभर में स्पोर्ट्स टैलेंट हंट की घोषणा
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2036 के ओलंपिक में हर खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का होना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि खेल की क्षमता वाले बच्चों की पहचान करने और उन्हें खेलों की तैयारी के लिए बेहतरीन ट्रेनिंग और मदद देने के लिए देश भर में टैलेंट हंट शुरू किया जाएगा।

    युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा
    मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की।

    भारतीय कंपनियों के लिए बड़े लक्ष्य 
    लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़े लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। PM मोदी ने कहा कि भारत को अगले दशक में 'फॉर्च्यून 500' (Fortune 500) कंपनियों में अपनी 50 कंपनियों को शामिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में और कम से कम एक भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी दुनिया की पांच सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में शामिल होनी चाहिए।

    विकसित भारत के लिए 7 सूत्री सुधारों का संकल्प लिया
    मोदी ने लाल किले की प्राचीर से भारत के विकास के लिए सात मुख्य क्षेत्रों की घोषणा की और उन्हें "शक्ति की सप्त धारा" बताया। ये सात क्षेत्र हैं - मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और भारत की सॉफ्ट पावर।

    पहले की तुलना में 15 गुना अधिक गति से नल से पानी: मोदी
    पीएम मोदी ने कहा कि हमने पहले की तुलना में औसतन 15 गुना अधिक सालाना गति से नल से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। गैस कनेक्शन पहले की सालाना गति से छह गुना अधिक गति से दिए गए हैं। हमने गरीबों के लिए शौचालय चार गुना सालाना गति से बनाए हैं और वंचितों को आवास पहले की तुलना में तीन गुना अधिक गति से उपलब्ध कराए हैं। देश में गवर्नेंस में भी भारी बदलाव आया है।

    रक्षा, रेलवे और मोबाइल प्रोडक्शन में कई गुना इजाफा
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है, जबकि खादी और ग्रामोद्योगों का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है। आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। इसके अलावा, हमने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हो गई है, पेटेंट ग्रांट चार गुना बढ़ गए हैं और डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़ गए हैं। हमने आम नागरिकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी उतनी ही गंभीरता से काम किया है।