• ज्ञानेश कुमार को हटाने की सुप्रीम कोर्ट से मांग, खरगे बोले- सीईसी 'कठपुतली' हैं

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। याचिका में CEC को हटाने और आयोग के फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

    नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की अनुमति दे दी है. याचिका में ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने के साथ-साथ यह घोषित करने की मांग की गई है कि निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र वाले फैसले उसके चेयरमैन अकेले नहीं ले सकते.

    CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने मामला उठा
    वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जल्द सुनवाई का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है, इसलिए इसके फैसले सामूहिक रूप से लिए जाने चाहिए.

    सिंह ने दलील दी कि अगर आयोग ने किसी फैसले को सर्वसम्मति से नहीं लिया है, तो यह गंभीर मामला है. उनके मुताबिक, कानून के तहत बहु-सदस्यीय आयोग में फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर होने चाहिए.

    याचिका में क्या है मांग?
    याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग की शक्तियों का इस्तेमाल कानून में अपेक्षित सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आयोग के अधिकार वाले फैसले CEC अकेले नहीं ले सकते.

    इसके अलावा याचिका में CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की भी मांग की गई है. याचिका में निर्वाचन आयोग के कामकाज और उसके फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं.

    अगले सप्ताह होगी सुनवाई
    सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है. अब अदालत में यह मामला आने के बाद निर्वाचन आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया और CEC की भूमिका से जुड़े कानूनी सवालों पर सुनवाई होगी.

    खरगे बोले- सीईसी भाजपा की कठपुतली हैं..

    मंगलवार को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। जिसमें मतदाता सूची के एसआईआर में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा जोर जोर से उठा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोग के फैसलों में सरकार का दबाव रहा है। वे भाजपा की कठपुतली है। निर्वाचन आयोग से खरगे ने पांच मांगें रखी-

    1. मतदाता सूची के हर बड़े बदलाव सार्वजनिक हो। 2. दलों को मतदाता सूची और डेटा समय पर मिले। 3. गंभीर गड़बड़ी की स्वतंत्र, समयबद्ध जांच हो। 4. जिनके नाम कटे, उन्हें अपील का मौका दिया जाए। 5. आयोग के फैसलों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।

    इससे पहले ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में प्रदर्शन किया. पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और मणिपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए. जयपुर में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया.