Emergency Alert Msg: अचानक 11.41 बजे देशभर के करोड़ों मोबाइल पर क्यों आया भारत सरकार का अलर्ट, जानें वजह
Emergency Alert Msg: ये मैसेज भारत सरकार ने अपने अलर्ट सर्विस की टेस्टिंग के लिए किया था, ताकि आपदा के वक्त इसका इस्तेमाल किया जा सके.
नई दिल्ली, 2 मई 2026। क्या आपके फोन में भी अचानक अलर्ट मैसेज पॉप होने लगा और फोन से सायरन की आवाज आने लगी? दरअसल ये भारत सरकार की ओर से भेजा गया मैसेज था. अव्वल तो घबराने को कोई जरूरत नहीं है. ये मैसेज भारत सरकार ने अपने अलर्ट सर्विस की टेस्टिंग के लिए किया था, ताकि आपदा के वक्त इसका इस्तेमाल किया जा सके.
मैसेज में लिखा था, "भारत ने अपने नागरिकों के लिए तुरंत आपदा अलर्ट सर्विस के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सेल ब्रॉडकास्ट लॉन्च किया है. सतर्क नागरिक, सुरक्षित देश. यह मैसेज मिलने के बाद जनता को कोई एक्शन लेने की ज़रूरत नहीं है. यह एक टेस्ट मैसेज है. भारत सरकार."
कहां से भेजा गया मैसेज?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में 2 मई 2026 को मोबाइल-बेस्ड डिजास्टर कम्युनिकेशन सिस्टम लॉन्च किया. इस सिस्टम को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT), कम्युनिकेशन्स मिनिस्ट्री ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA), भारत सरकार के साथ मिलकर डेवलप किया है ताकि नागरिकों तक जरूरी जानकारी समय पर पहुंच सके.
बता दें अमित शाह की मौजूदगी में ये टेस्टिंग अलर्ट मैसेज भेजा गया. ये मैसेज राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राहत कमिश्नरों/सचिवों (आपदा प्रबंधन) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों, फायर सर्विसेज, सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स के प्रमुखों के सालाना सम्मेलन 2026 में किया गया.
सरकार अलर्ट मैसेज का टेस्टिंग क्यों करती है?
हर देश में सरकार की कोशिश होती है आपदा या मुश्किल परिस्थितियों में नागरिकों तक जल्द से जल्द से सूचनाएं पहुंचाए. आज के वक्त फोन इकलौता ऐसा साधन है जिससे सबसे जल्द नागरिकों को सचेत किया जा सकता है. भारत सरकार ने इस वजह से ही मोबाइल-बेस्ड डिजास्टर कम्युनिकेशन सिस्टम की टेस्टिंग की है, ताकि मुश्किल वक्त में इसका इस्तेमाल कर लोगों को वक्त रहते सचेत किया जा सके.
देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग
शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं
सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था।
देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम
इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है।