पदोन्नति के बाद सेवानिवृत्ति आदेश लंबित, सैकड़ों सेवानिवृत्त प्राचार्य पेंशन से वंचित
रायपुर, 7 मई 2026। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने शिक्षा विभाग में व्याख्याता (ई एवं टी संवर्ग) से प्राचार्य पद पर पदोन्नत होकर सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों की लंबित पेंशन समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। नामदेव ने बताया कि विभाग के अनेक व्याख्याताओं को अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया गया, लेकिन सेवानिवृत्ति के पूर्व शासन द्वारा उन्हें प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्रदान कर दी गई। इसके कारण पूर्व में व्याख्याता पद से जारी सेवानिवृत्ति आदेश अप्रभावी हो गया तथा अब प्राचार्य पद से नया सेवानिवृत्ति आदेश शासन स्तर से जारी किया जाना आवश्यक हो गया है।
नामदेव ने कहा कि प्राचार्य पद से सेवानिवृत्ति आदेश जारी होने के बाद “न मांग – न जांच प्रमाणपत्र” की प्रक्रिया भी शासन स्तर पर पूरी की जानी है, किंतु इन प्रक्रियाओं में हो रहे अत्यधिक विलंब के कारण सैकड़ों सेवानिवृत्त प्राचार्यों के पेंशन प्रकरण लंबित पड़े हुए हैं। पेंशन भुगतान में विलंब के कारण अनेक सेवानिवृत्त अधिकारी (प्राचार्य) गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। मकान अथवा प्लॉट क्रय, गृह ऋण भुगतान, पारिवारिक दायित्वों एवं वैवाहिक कार्यक्रमों जैसे आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं नियमित मासिक पेंशन प्रारंभ नहीं होने से दैनिक जीवन-यापन में भी कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
पेंशनर्स महासंघ ने राज्य शासन से मांग की है कि प्राचार्य पद से लंबित सेवानिवृत्ति आदेश तत्काल जारी किए जाएं। “न मांग – न जांच प्रमाणपत्र” की प्रक्रिया विशेष अभियान चलाकर पूर्ण की जाए और लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर तत्काल पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रभावित सेवानिवृत्त अधिकारियों को आवश्यक अंतरिम आर्थिक राहत प्रदान की जाए। जारी विज्ञप्ति में संभागीय अध्यक्ष क्रमशः रामनारायण ताटी बस्तर, बीएल गजपाल दुर्ग, राजेंद्र कश्यप बिलासपुर, शैलेन्द्र सिन्हा रायपुर, गुरुचरण सिंह अंबिकापुर तथा प्रदेश संयोजक स्कूल शिक्षा प्रकोष्ठ क्रांति कुमार सोनी आदि ने आशा व्यक्त किया है कि नवनियुक्त शिक्षा सचिव इस गंभीर समस्या पर मानवीय दृष्टिकोण से संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगे और प्राथमिकता से निर्णय लेकर सेवानिवृत्त प्राचार्यों को राहत प्रदान करेंगे।