• छत्तीसगढ़ में फिर करवट लेगा मौसम, अगले 5 दिनों तक आंधी तूफान के आसार

    रायपुर, 8 मई 2026। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य में अगले पांच दिनों के लिए तीव्र आंधी, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है. 

    यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य के कई जिले भीषण गर्मी की चपेट में थे. पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया. तापमान में इस बड़े उतार-चढ़ाव के बीच आ रहे इस मौसमी बदलाव से जहां एक ओर लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरों को लेकर प्रशासन ने सावधानी बरतने को कहा है.


    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मध्य भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण नमी आ रही है, जिससे यह अस्थिरता पैदा हुई है. रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभागों में विशेष रूप से बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है. राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. प्रशासन ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन ढांचों से दूर रहें. ग्रामीण इलाकों में किसानों को अपनी फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं खड़ी फसलों और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

    बिजली वितरण कंपनियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि लाइनों में खराबी आने पर तत्काल मरम्मत की जा सके. जानकारों का कहना है कि इस मौसम से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लू जैसी स्थितियों से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. 

    हालांकि, किसानों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि कटाई के करीब पहुंच चुकी फसलों के लिए ओलावृष्टि और तेज हवाएं हानिकारक साबित हो सकती हैं. मौसम विभाग अगले 48 से 72 घंटों तक स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक बुलेटिनों पर ही भरोसा करें. 3 दिनों के इस सक्रिय दौर के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी की संभावना है. तब तक के लिए सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है.