• तमिलनाडु के राज्यपाल ने थेलापति का आग्रह दूसरी बार ठुकराया; टीवीके समर्थकों का  प्रदर्शन- सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता नहीं देना जनादेश का अपमान

    तमिलनाडु में  टीवीके प्रमुख विजय की अगुवाई में सरकार बनाने का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है. लगातार आज दूसरे दिन टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की, लेकिन राज्यपाल ने दो टूक कह दिया कि बहुमत साबित होने पर शपथ होगी. दरअसल, बहुमत से 5 सीट दूर अटके विजय के छोटी पार्टियों का सहारा है. वीसीके पार्टी के रूख में थोड़ा बदलाव आया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    चेन्नई, 7 मई 2026. तमिलनाडु में टीवीके की अगुवाई में नई सरकार के गठन में पेंच फंसने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी नेता मणिकम टैगोर ने कहा है कि हम सबको पता है कि तमिलनाडु में लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है. लोगों ने एक नए नेता के लिए वोट किया है. टीवीके से 108 विधायक चुने गए हैं और कांग्रेस के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी. राज्यपाल बीजेपी और आरएसएस के पूर्व नेता हैं, हमें पता है कि बीजेपी, दिल्ली नहीं चाहती कि विजय (टीवीके प्रमुख) मुख्यमंत्री बने. इसलिए राज्यपाल इसे टाल रहे हैं, तमिलनाडु में बीजेपी का सिर्फ एक विधायक हैं और उसके साथ भी भाजपा राजनीति करना चाहती है, तो वहीं दूसरी तरफ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने टीवीके प्रमुख विजय का दावा ठुकरा दिया है. सूत्रों की मानें तो राज्यपाल ने उन्हें 118 के आंकड़े के साथ आने को कहा है. इसके बाद विजय ने  अपने विधायकों की बैठक बुलाई है.

    तमिलनाडु में 7 मई को क्या हुआ?

    ● तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के राज्यपाल से बुधवार को मिलने के बाद अफवाह फैली कि गुरुवार को नेहरू स्टेडियम में शपथ समारोह है. टीवीके और विजय के फैंस वहां पहुंचे. इसके बाद उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा. हालांकि, एमके स्टालिन ने यह कहा है कि विजय को सरकार बनानी देनी चाहिए.
    ● चुनाव में टीवीके की बड़ी जीत के बाद तमिलनाडु पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ाई थी. उनके घर के बाहर मेटल डिटेक्टर लगा दिया गया था. अब इसे वापस ले लिया गया है. इस संबंध में दावा किया जा रहा है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक, विजय ने शपथ लेने से पहले मुख्यमंत्री की पुलिस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है.
    ● चेन्नई में गुरुवार को एक्टर विजय एक बार फिर से राज्यपाल  राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की. इस दौरान भी राज्यपाल ने उन्हें बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा लेकर आने को कहा.
    ● कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने तमिलनाडु में सरकार के शपथ ग्रहण में विलंब पर हमला बोला और कहा कि यह बहुत गलत है. हमें लगता है कि जिस सरकार को लोगों ने चुना है, उसे रोकना अपराध है. उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए और फिर फ्लोर टेस्ट होना चाहिए.
    ● तमिलनाडु में सरकार गठन में विलंब को लेकर टीवीके समर्थक इमोशनल हो रहे हैं. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन की भी संभावना है. ऐसे में पुलिस ने पहले से ही मरीना बीच की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं.

    कांग्रेस ने दिया समर्थन, पांच विधायक हैं  कम 

    कांग्रेस ने अभी तक टीवीके को समर्थन दिया है. ऐसे में उसका संख्या बल 113 तक पहुंचा है. टीवीके प्रमुख को नोटिफिकेशन के 15 दिन के अंदर एक सीट छोड़नी होगी. ऐसे में संख्या 112 हो जाएगी और बहुमत का आंकड़ा 117 सीटों का. ऐसे में टीवीके को पांच विधायकों की और जरूरत है. सूत्र बताते हैं कि टीवीके नेताओं ने आईयूएमएल नेतृत्व से संपर्क कर समर्थन हासिल करने की कोशिश की थी लेकिन पार्टी ने अपना रुख नहीं बदला. बाद में नेताओं ने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात की और डीएमके गठबंधन के साथ बने रहने का फैसला दोहराया.

    छोटी  पार्टियां बना सकती है सरकार

    तमिलनाडु में खड़े हुए संकट के बीच सभी की नजरें 
    सीपीआई, सीपीएम और वीसीके नेताओं के रुख पर लगी है. गुरुवार को इन पार्टियों के नेता चेन्नई में मिले. वीसीके प्रमुख  थोल थिरुमावलवन ने  कहा कि राज्यपाल को विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाने से पहले उनसे 118 की पूरी संख्या या बहुमत साबित करने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्हें पहले मुख्यमंत्री का पद संभालना चाहिए, क्योंकि यह लोगों का जनादेश है. उसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित करना उनकी जिम्मेदारी बनती है. मैं राज्यपाल से सबसे बड़े दल के टीवीके प्रमुख जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए रिक्वेस्ट करता हूं, क्योंकि यह लोगों का जनादेश और उनका संवैधानिक अधिकार दोनों है.

    टीवीके समर्थकों में नाराजगी

    मीडिया से बात करते हुए एक टीवीके समर्थक सेलवम ने कहा कि लोगों ने हमारे नेता विजय के पक्ष में जनादेश दिया है। गवर्नर को लोगों के फैसले का सम्मान करना चाहिए और उन्हें सरकार बनाने की इजाजत देनी चाहिए। कोई रुकावट नहीं डालनी चाहिए।