'मैं तड़प रही हूं, उसे भी तड़पाना,' मां को वॉइस नोट भेज नेहा ने लगा ली फांसी
बिहार के वैशाली में शादी के 5 महीने बाद ही नेहा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया. उसने मरने से पहले अपने पति और अपनी मां को वॉइस नोट भेजा, जिसमें नेहा ने अपने पति को मौत का जिम्मेदार बताया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की दिल दहला देने वाली रिपोर्ट:-
पटना, 28 अप्रैल 2026. बिहार के वैशाली जिला के महुआ पुलिस इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शादी के महज 5 महीने बाद ही 23 साल की नवविवाहित नेहा कुमारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. हालांकि, अपनी मौत से पहले उन्होंने अपने पति मयंक राज और अपनी मां को वॉइस मैसेज भेजे, जिनमें उसने अपनी मौत के लिए अपने पति को जिम्मेदार ठहराया.
तड़प - तड़प कर जान दे रही हूं...
अपनी जान लेने से ठीक पहले अपनी मां को भेजे गए वॉइस नोट में नेहा ने अपना सारा दर्द बयां कर दिया. उसने कहा, "मां, मैं मर रही हूं. तुम मयंक राज को ऐसी सजा दिलाना कि वह जिंदगी भर इस दर्द को याद रखे और फिर कभी दोबारा शादी न कर पाए. जैसे मैं तड़प -- तड़प कर जान दे रही हूं, वैसे ही वह भी पूरी जिंदगी तड़पता रहे." वहीं, अपने पति मयंक को भेजे गए अपनी आखिरी मैसेज में नेहा ने कहा, "मैं जो कुछ भी कर रही हूं, वह तुम्हारी वजह से कर रही हूं. मैं पिछले तीन हफ्तों से तुम्हें सच बता रही हूं, लेकिन अब मुझ में कोई हिम्मत नहीं बची है. तुम किसी और से शादी करना चाहते हो, है ना? जाओ शौक से कर लो. बस इतना जान लो कि मैं एक अच्छी इंसान थी."
शादी के 3 महीने बाद ही शुरू हुई उत्पीड़न
नेहा की शादी 24 नवंबर 2025 को भदवास तरौरा निवासी मयंक राज से हुई थी, जो पटना सचिवालय में कार्यरत हैं. नेहा के भाई निखिल के मुताबिक, शादी के पहले 3 महीने सब कुछ ठीक था. विवाद तब शुरू हुआ जब नेहा ने अपने पति के साथ पटना जाकर रहने की इच्छा जाहिर की, जिसे मयंक ने ठुकरा दिया. परिवार वालों का आरोप है कि मार्च महीने से नेहा को उसके ससुराल वालों द्वारा दहेज और गहनों की मांग को लेकर परेशान किया जाने लगा. मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उसके दामाद का किसी दूसरी युवती के साथ चक्कर चल रहा था और जब भी नेहा इस रिश्ते पर एतराज करती, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी.
पटना बुलाकर घर में लगा दिया ताला
उसके परिवार वालों का आरोप है कि मयंक ने नेहा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी थी. 25 अप्रैल को मयंक ने नेहा और उसके परिवार को फोन करके पटना की एजी कॉलोनी में स्थित अपने घर पर बुलाया. लेकिन, जब नेहा अपने परिवार के साथ वहां पहुंची, तो घर में ताला लटक रहा था. नेहा ने मयंक को फोन किया तो उसने गैर जिम्मेदाराना तरीके से कहा कि वह इस मुलाकात के बारे में भूल गया था और पहले ही वैशाली लौट चुका है. इस अपमान और मानसिक तनाव ने नेहा को भीतर से तोड़ दिया.
सबूत के तौर पर वॉइस रिकॉर्डिंग
अपनी मौत से पहले नेहा ने जितने वॉइस नोट भेजे, उसे उसके परिवार ने पुलिस को सौंप दिया है. इन रिकॉर्डिंग में नेहा ने साफ तौर पर उस मानसिक उत्पीड़न के संदर्भ में बताया है जो उसे सहना पड़ा और इसमें अपने पति की भूमिका का भी जिक्र किया है. उसके परिवार वालों का कहना है कि नेहा लोगों के बीच शर्मिंदगी और सामाजिक भय से सब कुछ चुपचाप सहती रही. लेकिन, आखिरकार यह तनाव उसकी सहनशक्ति से बाहर हो गया.
कार्रवाई को लेकर पुलिस गंभीर नहीं
महुआ के स्टेशन हाउस अधिकारी अरविंद प्रसाद ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसके बाद उसके परिवार को सौंप दिया गया, जिन्होंने रविवार की रात उसका अंतिम संस्कार कर दिया. पुलिस फिलहाल मृतक के मोबाइल फोन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसके परिवार वालों के बयानों की जांच कर रही है. हालांकि, लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.