सक्ती में दिव्यांगों को भी नहीं बक्शे, सहायक संचालक और बाबू पर गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री से शिकायत
रायपुर/सक्ती, 28 अप्रैल 2026। समाज के वंचितों, दीन-दुखियों, बेसहारा लोगों को सहारा देने के लिए गठित समाज कल्याण विभाग में उन्हीं से लूट का खेल दस्तूर जारी है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि पीड़ित दिव्यांगजन इसकी शिकायत स्वयं मुख्यमंत्री से कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार जिले के प्रभारी सहायक संचालक, समाज कल्याण और बाबू की वसूली से त्रस्त आकर दिव्यांगों ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
जनदर्शन में जांजगीर और सक्ती जिले में पदस्थ प्रभारी सहायक संचालक सुनील मिश्रा और लिपिक चंद्रप्रकाश राठौर पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए दिव्यांगों ने जांच कर कार्रवाई की मांग की है. सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि सक्ती जिले के लिए बनाए गए प्रभारी सहायक संचालक और जांजगीर कार्यालय में पदस्थ लिपिक द्वारा ना केवल फर्जी बिलिंग कर भुगतान प्राप्त किया जा रहा है, बल्कि उनके द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाए जा रहे योजनाओं में भी पलीता लगाया जा रहा है.
ज्ञापन में बताया गया है कि दिव्यांगों की योजना निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना में 10 से 20 हजार रुपए लिए बिना राशि भुगतान नहीं किया जाता है. इसी तरह राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में 3 हजार, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्री योजना में 3 से 5 हजार, दिव्यांगों को मिलने वाले सहायक उपकरण, ट्रायसायकल आदि में 3 से 5 हजार रुपए तक राशि की मांग की जाती है, तब जाकर योजना का लाभ मिलता है. साथ ही प्रभारी सहायक संचालक पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे सप्ताह में एक-दो दिन ही सक्ती पहुंचते हैं और ज्यादातर समय जांजगीर कार्यालय में ही रहते हैं और वहीं से कामकाज का संचालन करते हैं. दिव्यांगों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रभारी सहायक संचालक और लिपिक पर कार्रवाई करते हुए अन्य जिला स्थानांतरण की मांग की गई है. ज्ञापन पर मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्रवाई करते हुए कलेक्टर से जांच कर प्रतिवेदन मांगा गया है.