लोरमी, 28 अप्रैल 2026। आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने का पार्टी कार्यकर्ता तीखा विरोध कर रहे हैं। यह विरोध दिल्ली- पंजाब से होकर छत्तीसगढ़ पहुंच गया है। इन सांसदों के भाजपा प्रवेश करने से नाराज आप कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के घर के दीवार पर गद्दार लिख दिया था। छत्तीसगढ़ से ताल्लुक रखने वाले दलबदलू सांसद संदीप पाठक का भी आप के स्थानीय कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। मुंगेली जिले के लोरमी के पास 'बटहा' उनके पैतृक गांव पहुँचकर आप कार्यकर्ताओं ने उनके घर की दीवार पर 'गद्दार' लिख दिया।
उन पर पार्टी को धोखा देने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के नाराज कार्यकर्ताओं ने उनके पैतृक घर पर 'गद्दार, थिंक टैंक नहीं, सेप्टिक टैंक निकला संदीप पाठक' लिखकर विरोध जताया। इस दौरान आप कार्यकर्ता संदीप पाठक के घर के बाहर गद्दार कहकर नारेबाजी कर रहे थे। इसकी फोटो और वीडियो आम आदमी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है।
संदीप पाठक का मूलतः लोरमी के रहने वाले
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाले संदीप पाठक की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ से जुड़ी है। मुंगेली जिले के बटहा गांव में रहने वाले किसान शिवकुमार पाठक के बड़े बेटे संदीप का जन्म 4 अक्टूबर 1979 को हुआ। परिवार में उनसे छोटे भाई प्रदीप पाठक और बहन प्रतिभा पाठक हैं।
संदीप पाठक की शुरुआती पढ़ाई लोरमी क्षेत्र के गांव में ही हुई। इसके बाद वे छठी कक्षा से आगे की पढ़ाई के लिए बिलासपुर आ गए। यहां से उन्होंने विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और MSC पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव रिसर्च की ओर बढ़ा इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद और नेशनल केमिकल लेबोरेटरी, पुणे से आगे की शिक्षा प्राप्त की। फिर वे हैदराबाद और फिर उच्च अध्ययन के लिए ब्रिटेन चले गए।
करीब 6 साल तक ब्रिटेन में रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से पीएचडी की डिग्री हासिल की। 2016 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। फिर आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ गए। उन्हें अरविंद केजरीवाल ने पंजाब का चुनाव का प्रभारी बनाया था। पंजाब में आम आदमी पार्टी को अच्छी जीत मिली। अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी में पंजाब से उन्हें राज्यसभा भेजा था।
संदीप पाठक माने जाते थे आप के थिंक टैंक
दरअसल, संदीप पाठक, जिनका सीधा संबंध छत्तीसगढ़ से रहा है और जिन्हें पार्टी का चुनावी 'थिंक टैंक' माना जाता रहा है। AAP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के तौर पर संदीप पाठक ने कई राज्यों में पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति को आकार दिया। प्रदेश प्रभारी रहे संदीप पाठक छत्तीसगढ़ की राजनीति को करीब से समझते थे और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ थी। 24 अप्रैल 2026 को संदीप पाठक और राघव चड्डा समेत आप के 7 सांसदों ने पाला बदल लिया और भाजपा का दामन थाम लिया। तब से इन नेताओं का आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता तीव्र विरोध कर रहे हैं। उधर पाला बदलने के बाद इन नेताओं के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या तेजी से घटने लगी है।