• झारखंड पेपर लीक  अनुमान से बड़ा : 67 अभ्यर्थियों से 12-12 लाख वसूले, पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

    झारखंड लोक सेवा आयोग का पेपर लीक अनुमान से बड़ा हो रहा है. सीआईडी ने सोमवार को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया. उनकी गिरफ्तारी छात्रों के व्यापक विरोध - प्रदर्शनों के बीच हुई है. रविवार को आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ यह खास रिपोर्ट:-

    रांची, 10 अगस्त 2026. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी ) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल ) परीक्षा और झारखंड लोक सेवा आयोग
    (जेपीएससी ) भर्ती परीक्षा में सामने आए व्यापक फर्जीवाड़े और पेपर लीक मामले में आपराधिक अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. इस मामले में जहां एक तरफ बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन और प्रश्न पत्र लिख करने की पुष्टि हुई है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और संवैधानिक स्तर पर भी  कार्रवाई तेज हो गई है. इसी मुद्दे पर झारखंड के छात्रों ने सोमवार 10 अगस्त को रांची में जोरदार प्रदर्शन किया.

    सीआईडी की जांच में खुलासे 

    सीआईडी द्वारा गिरफ्तार अभय तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी से पूछताछ के बाद पेपर लीक और चयन में बड़े पैमाने पर हुई सांठ - गांठ का खुलासा हुआ है. बोकारो में 15 कैंडीडेट्स  से परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र और उत्तर उपलब्ध कराने के एवज में 12--12 लाख रुपए का अवैध लेनदेन किया गया. कैंडिडेट्स को परीक्षा से ठीक पहले 65 प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए गए. पूछताछ में आरोपी  अभय तिवारी (जो उस समय गोड्डा में प्रखंड आपूर्ति अधिकारी के तौर पर कार्यरत था) ने बताया कि उसने खुद सीजीएल परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की थी. 

    इसके अलावा, उसका भाई अक्षय तिवारी (महिला एवं बाल विकास विभाग में जेएसए) और अक्षय की पत्नी सुषमा कुमारी (सतर्कता विभाग) भी इसी परीक्षा के माध्यम से चयनित हुए थे. जेएसएसए सीजीएल परीक्षा के लिए बायोमेट्रिक का काम करने वाली कंपनी 'टीडीपीएल '( जिसमें अभय तिवारी मार्केटिंग मैनेजर था ) रेट विवाद के कारण हटाया गया था. इसके बाद यह काम पटना के मिथिलेश सिंह की एजेंसी वेबल को दिया गया, जिसे प्रश्न पत्र  छपाई और बायोमेट्रिक दोनों का जिम्मा मिला. अभय तिवारी ने मिथिलेश सिंह और खूंटी निवासी उमाकांत प्रमाणिक से संपर्क कर पेपर लीक कराया. जबकि बोकारो में प्रश्न पत्र रटवाने के दौरान मिथिलेश सिंह और राकेश सिंह भी मौजूद थे.

    जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, कुल गिरफ्तारियां हुई 20 

    इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड सीआईडी ने सोमवार को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही इस पूरे मामले में गिरफ्तार होने वाले लोगों की संख्या बढकर 20 हो गई है. उनकी यह गिरफ्तारी अभ्यर्थियों के व्यापक विरोध - प्रदर्शनों के बीच जेपीएससी के 3 सदस्यों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई है.