MSMEs पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन पैकेजिंग ही अपनाएं
रायपुर, 11 अगस्त 2026। MSME इकाइयों में पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग को बढ़ावा देने और उद्यमियों को ग्रीन पैकेजिंग के विकल्पों, उपलब्धता और उपयोग की जानकारी देने के उद्देश्य से उद्योग संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC), रायपुर की पहल पर भारत सरकार की रैम्प (RAMP) योजना के अंतर्गत 10 अगस्त 2026 को होटल एरिएना, रायपुर में Green Packaging विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने Green Packaging की जरूरत, इसकी लागत, उपलब्ध विकल्पों और स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग सामग्री की उपलब्धता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। साथ ही, MSMEs के लिए पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग को अपनाने के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा की गई। कार्यशाला के पहले सत्र में आनंद वर्धन ने Green Packaging, Affordability, Accessibility and Availability विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि MSMEs के लिए Green Packaging को आसान और किफायती बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर एक मजबूत व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। उन्होंने पैकेजिंग में इस्तेमाल की जा सकने वाली विभिन्न वैकल्पिक सामग्रियों के बारे में भी जानकारी साझा की।
दूसरे सत्र में Vandana Business Solution की सनी चंचलानी (Mr. Sunny Chanchlani) ने Green Packaging Material की उपलब्धता और Local Sourcing पर चर्चा की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पैकेजिंग सामग्री और उसकी sourcing के बारे में जानकारी दी। साथ ही, MSMEs के बीच Green Packaging को अधिक से अधिक अपनाने के लिए जरूरी कदमों पर भी बात की।
तीसरे सत्र में Sector Expert, Plastic की नम्रता तिवारी ने Green Packaging के महत्व और MSMEs के लिए भविष्य की पैकेजिंग विषय पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते बाजार और पर्यावरण की जरूरतों को देखते हुए MSMEs को ऐसी पैकेजिंग अपनाने की जरूरत है, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ भविष्य की बाजार आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके।
कार्यशाला में Sustainable Packaging, वैकल्पिक पैकेजिंग सामग्री, Local Sourcing और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से चर्चा की। प्रतिभागियों ने अपने व्यवसाय में Green Packaging को अपनाने से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं और विशेषज्ञों से उनके समाधान प्राप्त किए।
इस अवसर पर रैम्प योजना – CSIDC, रायपुर के प्रतिनिधियों ने बताया कि Green Packaging को बढ़ावा देने का उद्देश्य MSMEs को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और राज्य में Green Packaging के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर व्यवस्था विकसित करना है। कार्यशाला में MSME इकाइयों, उद्यमियों एवं संबंधित हितधारकों ने सहभागिता की। तकनीकी सत्रों और प्रश्नोत्तर के बाद कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।