रांची के ओरमांझी में शराब फैक्ट्री पर दबिश, पूर्व एमएलसी सुबोध राय समेत तीन गिरफ्तार
झारखंड में उत्पाद विभागीय कार्रवाई में बिहार के पूर्व एमएलसी तथा राजद नेता सुबोध राय को गिरफ्तार कर लिया गया है. रांची पुलिस और उत्पाद विभागीय टीम ने मंगलवार की देर रात दबिश देकर शराब कारोबारी सुबोध राय और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
रांची, 2 जुलाई 2026. पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने तीन अलग-अलग ब्रांड की अवैध शराब निर्माण में राजद नेता और पूर्व एमएलसी सुबोध राय को गिरफ्तार कर लिया है. रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में दबिश के दौरान सुबोध राय, उनके ड्राइवर देवेंद्र भगत और एक अन्य कर्मी रविकांत राय को उत्पाद विभागीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. वहीं 303 पेटी विदेशी शराब भी मौके से जब्त की गई. आरोप है कि प्लांट में तैयार शराब पर दूसरे नामी ब्रांड के फर्जी लेवल लगाकर इसे बाजार में कम कीमत पर खपाया जा रहा था.
गिरफ्तार सभी आरोपियों को भेजा गया जेल
कोर्ट में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को बुधवार की शाम को रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल भेज दिया गया है. दबिश टीम का नेतृत्व उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त उमाशंकर सिंह कर रहे थे. दबिश मंगलवार देर रात करीब 12 बजे शुरू हुई और बुधवार सुबह तक चली.
यूपी और दिल्ली का लेवल लगाकर शराब बेचने की कोशिश
दबिश देते वक्त जानकारी मिली कि इस प्लांट में तीन अलग-अलग ब्रांड की अवैध शराब बनाई जा रही थी.
उत्पाद विभाग का मानना है कि इसे यूपी और दिल्ली का लेबल लगाकर बेचा जा रहा था एवं बोतल पर फॉर सेल ओन्ली यूपी लिखा था. इस बारे में झारखंड के उत्पाद और मध निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि गलत काम करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त हैं. उत्पाद विभाग लगातार अभियान चला रहा है. यही वजह है कि उत्पाद का राजस्व 3 साल में 2200 करोड़ से बढ़कर 4010 करोड़ हो गया है.
2023 में भी इस प्लांट पर हुई थी कार्रवाई
किसी प्लाट पर मार्च 2023 में भी दबिश दी गई थी. उसे समय 108 बोतल अवैध शराब बरामद हुआ था. इसके बाद फैक्ट्री को सील कर शो कॉज पूछा गया था. लेकिन बाद में फिर से शुरू हो गया. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने उसे समय सुबोध राय को बचाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की करीबी होने की वजह से उसे बचाया गया.
दरअसल, नकली शराब पिकअप वैन से आलू भेजने की आड़ में बिहार-- झारखंड में अभय जी शराब सप्लाई करने का आरोप भी लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्लांट पर विदेशी शराब का गलत स्टॉक रखने, अवैध तौर पर अन्य प्रदेशों में शराब सप्लाई करने एवं उत्पाद विभाग की ओर से स्वीकृत ब्रांड से मिलते - जुलते अन्य ब्रांडों का भंडार और फर्जी कागजात बनाकर परिवहन और तस्करी का भी आरोप है.