• ममता बनर्जी अचानक कोलकाता की सड़कों पर 1.2 किमी लंबा मार्च निकाला

    तृणमूल कांग्रेस  सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता में रेहड़ी - पटरी बालों को हटाए जाने के विरोध में बिना किसी पूर्व सूचना के 1.2 किमी लंबा मार्च निकाला. विधायक कुणाल घोष और वरिष्ठ टीएमसी नेता डोला सेन के साथ  सड़कों पर उतरी ममता बनर्जी से कई मौजूदा विधायक दूर रहे. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    कोलकाता, 20 जून, 2026. पश्चिम बंगाल में  सत्ता परिवर्तन के बाद नए राजनीतिक समीकरणों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर घमासान चरम पर है. कोलकाता के दिल कहे जाने वाले एस्प्लेनेड इलाके में उस समय अफरा - तफरी और भारी कौतूहल का माहौल बन गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) की सुप्रीमो ममता बनर्जी बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक कोलकाता की सड़कों पर उतर आई.

    प्रशासन को भनक तक नहीं, अचानक एस्प्लेनेड पहुंची ममता बनर्जी

    सूबे में नई सरकार द्वारा चलाए जा रहे रेहड़ - पटरी वालों ( हॉक़र्स ) को हटाओ अभियान के खिलाफ ममता बनर्जी ने खुद मोर्चा संभालते हुए एक पैदल मार्च निकाला. ममता बनर्जी ने अपने इस मार्च की पुलिस या स्थानीय प्रशासन को पहले से कोई भनक तक नहीं लगने दी. वे पूरी तरह गुपचुप तरीके से बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष, पूर्व सांसद डोला सेन और कुछ वफादार तृणमूल नेताओं के साथ अचानक दोपहर में मध्य कोलकाता के व्यस्ततम चौराहे एस्प्लेनेड पर पहुंच गई.

    ममता को देख जुट गई भारी भीड़

    ममता बनर्जी को अपने बीच अचानक पैदल मार्च करते देख वहां आम जनता और हॉकर्स की भारी भीड़ जमा हो गई. इसके बाद उन्होंने एस्प्लेनेड से सुबोध मलिक चौक तक लगभग 1.2 किमी  लंबा एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के हॉकर्स हटाओ अभियान को पूरी तरह गैर - कानूनी, अन्यायपूर्ण अमानवीय करार दिया.

    बिना पुनर्वास हॉकर्स को हटाना मंजूर नहीं: टीएमसी

    विरोध मार्च के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पार्टी आम लोगों की गरिमा, आजीविका और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करने को कृत संकल्पित है.