अहमदाबाद के अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 9 की मौत, 15 घायल
अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में शनिवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद अफरा- तफरी मच गई. इस विस्फोटक में नौ लोगों की जान चली गई इनमें तीन बच्चे भी हैं. सूत्र बताते हैं कि इस हादसे में कम से कम 15 से 20 लोग घायल भी हुए हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
अहमदाबाद, 19 जुलाई 2026. यह हादसा रामोल से गतराड जाने वाले मार्ग पर महमूदपुरा टैलेंट के पास शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ. यहां से एक किमी की दूरी पर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) का कैंप है. धमाके की आवाज सुनते ही आरएएफ जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और झुलसे लोगों का रेस्क्यू किया. धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज पांच किमी तक सुनाई दी. हालांकि, विस्फोटक की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई.
खबर है कि हादसे के समय पटाखा फैक्ट्री में करीब 25 से 30 लोग काम कर रहे थे. इनमें से कुछ लोगों के बच्चे भी वहां मौजूद थे. अवैध पटाखा फैक्ट्री के मालिक मेहुल डोडिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वहीं इस धमाके में मेहुल की मां रमिला डोडिया भी घायल हुई है. उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका है
इलाके के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह राठौर के मुताबिक, रामोल गतराड रोड पर एक खुले आकाश के तले मेहुल डोडिया नाम का व्यक्ति पटाखा फैक्ट्री चला रहा था. फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था, बावजूद इसके वहां पटाखे बनाए जा रहे थे. खुले मैदान में पत्तों और तिरपाल की बाड़ लगाकर आतिशबाजी बनाई जा रही है. सूत्र बताते हैं कि सभी घायलों को लोग अस्पताल और असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उपचार जारी है.
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद देगी. वहीं, गुजरात सरकार मृतकों के परिवार को 4 -4 लाख रुपए मदद करने की घोषणा की है.
हादसे से जुड़े 3 बड़े सवाल- जवाब..
• सवाल : लाइसेंस रद्द होने के बाद भी फैक्ट्री कैसे चल रही थी?
जवाब:- जॉइंट पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था. इसके बावजूद मेहुल डोडिया फैक्ट्री चला रहा था. नियम के मुताबिक, लाइसेंस रद्द होने पर प्रशासन फैक्ट्री सील करती है और वहां रखा बारूद जब्त करती है. इस मामले में सिर्फ लाइसेंस रद्द हुआ, लेकिन फैक्ट्री सील नहीं की गई.
सवाल : आरएएफ कैंप के पास फैक्ट्री, क्या यह गैर कानूनी नहीं?
जवाब: गृह मंत्रालय के नियमों के मुताबिक, सैन्य या अर्ध सैनिक बालों के कैंपों के आसपास बारूद या विस्फोटकों का काम होना पूरी तरह से बैन है. बावजूद इसके आरएएफ शिविर के पास ही अवैध फैक्ट्री चल रही थी. ऐसे में देश की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा यूनिट को नुकसान पहुंच सकता था.
सवाल : पटाखा फैक्ट्रियों में तेज धमाका क्यों होता है?
जवाब:- पटाखे में पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल और एलमुनियम पाउडर जैसे ज्वलनशील रसायन होते हैं. ये गर्मी, चिंगारी या स्टेटिक बिजली से तुरंत आग पकड़ते हैं. आग लगने पर चेन रिएक्शन शुरू होता है और कुछ ही सेकंड में सैकड़ो पटाखे फटने लगते हैं. बारूद ज्यादा हो, तो विस्फोट घरेलू एलपीजी सिलेंडर के धमाके से भी ज्यादा शक्तिशाली होता है.