• "पूजा को न्याय दो.." कोरिया में सर्व आदिवासी समाज ने निकाली न्याय रैली और एसपी ऑफिस का किया घेराव

    कोरिया में पूजा पैकरा सुसाइड केस में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आदिवासी संगठनों ने  रविवार को एसपी ऑफिस का घेराव किया और आदिवासी बेटी को न्याय देने की मांग की।

    कोरिया, 20 जुलाई 2026। पुलिस लाइन बैकुंठपुर की छात्रा पूजा पैकरा की आत्महत्या का मामले में पुलिस के ढ़ीले रवैये को लेकर रविवार को आदिवासी समाज का गुस्सा फट पड़ा। सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोगों, परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में महिलाओं ने शहर में विशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने अभी तक एक ही आरोपी को गिरफ्तार किया है जबकि दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में आरोपियों के नाम की तख्तियां लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और "पूजा को न्याय दो" के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।

    एसपी कार्यालय घेरने निकले प्रदर्शनकारी
    प्रदर्शनकारी रैली के रूप में शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए एसपी कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कुमार चौक पर सभा आयोजित कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

    फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग
    आदिवासी समाज का आरोप है कि मार्ट के संचालकों द्वारा कथित रूप से की गई प्रताड़ना से मानसिक रूप से परेशान होकर छात्रा पूजा पैकरा ने 8 जुलाई की दोपहर अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने एक नामजद आरोपी विनोद बैद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि दो अन्य नामजद आरोपी अब भी फरार हैं। इन्हीं आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर समाज में भारी आक्रोश है। बताया जाता है कि शुरू में ही पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही थी। स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। तब कही जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

    इस न्याय रैली में नंद कुमार साय समेत कई दिग्गज आदिवासी नेता हुए शामिल
    इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय, पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव सहित सर्व आदिवासी समाज के अनेक पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण व छात्र-छात्राएं शामिल हुए। आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने कहा कि पूजा पैकरा की मौत अत्यंत दुखद और गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।

    आरोपियों को फांसी देने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोरतम सजा, यहां तक कि फांसी दिए जाने की मांग की। महिलाओं ने आईसी मार्ट पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कोरिया पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।

    Pooja Painkra case: यह है मामला
    पुलिस आरक्षक शिवनाथ सिंह की बेटी पूजा पैंकरा (17) स्कूटी में सवार होकर अपनी बहन के साथ 7 जुलाई को आईसी मार्ट खरीदारी करने गई थी। इस दौरान संचालकों ने चोरी का आरोप लगाकर छात्रा सहित उसकी बहन को रोक लिया। फिर एक-एक सामान की सूची बनवाई और दोनों बहनों से उसी सूची पर लिखवाया कि मैं और मेरी बहन आईसी मार्ट से चोरी किए हैं। सूची में दोनों बहनों का हस्ताक्षर भी कराया गया था। इसके बाद उनकी स्कूटी भी छीन ली थी।

    संचालक ने उसके पिता से स्कूटी के एवज में 50 हजार मांगे थे। घटना के बाद से छात्रा डरी-सहमी छात्रा पूजा ने 8 जुलाई दोपहर क्वार्टर में फांसी (Pooja Painkra suicide to hang) लगा ली थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी संचालक दीपक वैद, विनोद वैद व जगत वैद के खिलाफ धारा 296, 107, 308(2), 309(4), एसटी-एससी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत अपराध दर्ज किया था। इनमें से विनोद वैद को राजस्थान से गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। दो आरोपी अब भी फरार है।