उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के खिलाफ राहुल गांधी के आक्रामक रुख को सही बताया, बोले -- वो अपना कर्तव्य निभा रहे
उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी के केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख का समर्थन किया है. उन्होंने कहा विपक्ष के नेता का सरकार को जवाबदेह ठहराना संवैधानिक कर्तव्य है. राहुल के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने घायल युवक मामले में प्राथमिकी दर्ज की. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-
श्रीनगर, 23 अगस्त 2026. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी की तारीफ की है. उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आक्रामक रूख को सही ठहराया है. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सरकार को जवाबदेह ठहराकर सिर्फ अपना संवैधानिक कर्तव्य निभा रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे राहुल गांधी के करीब 7 घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए एक युवक के मामले में प्राथमिकी दर्ज की. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में संसद मार्ग स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का धरना समाप्त हो गया.
अगर विपक्ष का नेता विरोध नहीं करेगा, तो उसका क्या फायदा?
पोलो व्यू के नजदीक' वेस्ट टू वंडर ' थीम वाले पार्क का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि अगर विपक्ष का नेता विरोध नहीं करेगा, तो उसका क्या फायदा? जब उनसे गांधी के बार-बार विरोध करने के बारे में सवाल पूछा गया, तो उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी नेताओं के मामले में मीडिया के कथित दोहरे मापदंडों पर तंज कसा. मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि जहां पत्रकार जम्मू कश्मीर में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के द्वारा उठाए गए 'बेवजह ' के सवालों का मजा लेते दिखते हैं, वहीं वे केंद्र सरकार के खिलाफ इसी तरह की चुनौतियां पेश करने के लिए राहुल गांधी के इरादों पर अक्सर सवाल उठाते हैं.
बोले - देश उनसे उम्मीद करता है.
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आप विपक्षी नेताओं को इस तरह अलग-अलग पैमानों से नहीं तौल सकते. राहुल गांधी बस वही कर रहे हैं जिसकी देश उनसे उम्मीद करता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष के नेता का मुख्य काम सत्ता में बैठे लोगों से जवाब मांगना है और उम्मीद जताई कि राहुल गांधी हम राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेंगे.
इस बीच, महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने शुक्रवार को मांग की कि पिछले महीने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल हुए युवक साहिल लोचब के मामले में पूरी जांच हो और इसके लिए आदेश देने वालों पर कार्रवाई की जाए. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( एनसीपी ) के प्रवक्ता क्लाड क्रास्टो ने इस घटना के बारे में दिल्ली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था.