• आठवें वेतन आयोग के सामने पेंशनरों की बड़ी मांग: आयकर मुक्त हो पेंशन

    रायपुर, 29 मई 2026। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की छत्तीसगढ़ इकाई ने  आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को सुझाव भेजा है कि देशभर के पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों को आयकर से पूर्णतः मुक्त रखा जाए अथवा आयकर छूट सीमा बढ़ाकर न्यूनतम 25 लाख रूपए वार्षिक निर्धारित की जाए । महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आज यह जानकारी दी।

    उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि  इस संबंध में महासंघ की ओर से प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष को  ज्ञापन भेजा है। त्रिवेदी ने ज्ञापन में कहा  है कि पेंशन कोई “अनुग्रह” नहीं, बल्कि कर्मचारियों द्वारा सेवाकाल में अर्जित “स्थगित वेतन” (Deferred Wage) और संवैधानिक अधिकार है। नामदेव और त्रिवेदी ने कहा है कि वर्तमान समय में पेंशनरों की आर्थिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। वृद्धावस्था में इलाज का खर्चा बहुत ज़्यादा बढ़ गया है, महंगाई लगातार बढ़ रही है और अधिकांश पेंशनरों की आय का एकमात्र स्रोत केवल पेंशन  है। ऐसे में आयकर कटौती के कारण उनकी वास्तविक क्रयशक्ति लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग के बाद यदि पेंशन में वृद्धि होती है, तो उसके साथ पेंशनरों पर इन्कम टैक्स का बोझ भी बढ़ जाएगा, जिससे पेंशन वृद्धि का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।

    महासंघ ने आयोग को भेजे गए ज्ञापन में प्रमुख मांग रखते हुए कहा है कि सभी पेंशनरों को पूर्ण आयकर छूट प्रदान की जाए अथवा पेंशनरों हेतु आयकर छूट सीमा कम से कम 25 लाख रूपए वार्षिक निर्धारित की जाए। महासंघ का कहना है कि सांसदों, विधायकों और विभिन्न संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को विशेष सुविधाएं और टैक्स राहत उपलब्ध हैं,  इसलिए आजीवन राष्ट्र एवं समाज की सेवा करने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों को भी सम्मान और संरक्षण मिलना चाहिए।

    महासंघ ने आयोग को विशेष सुझाव देते हुए 75 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों को पूर्ण आयकर छूट देने, पारिवारिक पेंशन पर वर्तमान कर छूट सीमा बढ़ाकर कम से कम एक लाख रूपए वार्षिक करने, गंभीर एवं दीर्घकालिक रोगों के इलाज के लिए अतिरिक्त कर राहत प्रदान करने और पेंशनरों के लिए अलग “सीनियर पेंशनर टैक्स स्लैब” बनाए जाने की मांग भी की है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने आशा व्यक्त की है कि आठवां केंद्रीय वेतन आयोग वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों के सम्मान,उनकी सामाजिक सुरक्षा और उनके आर्थिक संरक्षण के लिए इन महत्वपूर्ण सुझावों को अपनी अनुशंसाओं में शामिल करेगा।