बालाघाट में गर्भवती और पति की बेरहमी से पिटाई, मरार-माली समाज ने घेरा किरनापुर थाना
बालाघाट के थाने में गर्भवती महिला की बेरहमी से पिटाई और उसके बाद महिला की हालत खराब होने से आक्रोशित मरार-माली समाज ने मंगलवार को किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान भीड़ हिंसक हो गई और पथराव होने लगा। पुलिस ने भीड़ पर लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले छोड़े।
बालाघाट, 16 सितम्बर 2026। बालाघाट के किरनापुर में चोरी के आरोप में पुलिस द्वारा एक गर्भवती महिला को बेरहमी से पीटने का मामला तूल पकड़ लिया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में मरार-माली समाज ने मंगलवार को किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान जमकर बवाल हुआ। पथराव होते देख पहले पुलिस वाले थाने में दुबक गए, फिर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। मारपीट से महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे 7 सितंबर को खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, जिसके बाद संबंधित पुलिस स्टाफ को निलंबित कर जांच महिला डीएसपी के नेतृत्व में SIT को सौंपी गई और आश्वासन दिया गया कि 7 दिन के भीतर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले के किरनापुर पोस्ट ऑफिस में 2 सितंबर को करीब 50 हजार रुपए की चोरी हो गई। इस मामले में ग्राम टिमकीटोला नक़्शी निवासी कैलाश चौधरी और उसकी गर्भवती पत्नी सावित्री चौधरी को किरनापुर पुलिस घर से कथित चोरी के मामले में पूछताछ के नाम पर थाने ले आई। पुलिस पर दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया और उन्हें अलग-अलग कमरों में ले जाकर मारपीट की। इस दौरान दो महीने की गर्भवती महिला के पेट में लात भी मारी। उनसे चोरी का जुर्म कबूल करने के लिए दबाव डाला गया। महिला की हालत बहुत खराब थी। को उसके परिजन उसे खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। मामले की जानकारी मिलते ही डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया।
बेल्ट और डंडे से पीटने का गंभीर आरोप
कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए बेल्ट और डंडों से दोनों के साथ मारपीट की। उनका यह भी आरोप है कि पत्नी के साथ बेहद गंभीर तरीके से मारपीट की गई, जिसके कारण नाजुक अंगों में भी चोट पहुंची। मारपीट से दोनों बेहोश हो गए। कैलाश का दावा है कि मारपीट के दौरान उनकी पत्नी पर चोरी कबूल करने का दबाव बनाया गया। इसके बाद दोनों को घर छोड़ दिया गया। परिजनों के मुताबिक, मारपीट के बाद से महिला की हालत बेहद खराब है और वह पिछले पांच दिनों से गंभीर स्थिति में है।
शिकायत करने पर धमकाने का भी आरोप
परिजनों ने पुलिस पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें शिकायत करने पर किसी अन्य अपराध में फंसाकर गांव से बाहर कर देने की धमकी दी गई।
मामले की जानकारी पूर्व सैनिक तोमेश्वर राहंगडाले समेत अन्य लोगों को मिली, जिसके बाद वे घायल महिला, उसके पति और परिवार के सदस्यों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित झूठी एफआईआर हटाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना स्टाफ को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंप दी है और 7 दिनों के भीतर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। 7 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराज मरार-माली समाज ने 15 सितंबर को किरनापुर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अब जांच के बाद ही पुलिस पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।